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Varanasi News: नया बाजार... पहली बार ओमान भेजा गया 40 टन बिस्किट
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वाराणसी। काशी से पहली बार ओमान के लिए 40 मीट्रिक टन बिस्किट का निर्यात किया गया है। यह खेप करखियांव के औद्योगिक क्षेत्र में स्थित तिरुपति बालाजी इंडस्ट्रीज प्रा. लि. से भेजी गई है। ओमान के लोग अब चाय के साथ बनारसी बिस्किट का स्वाद चख सकेंगे।
बिस्किट की यह खेप सड़क मार्ग से कानपुर स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो पहुंचेगी। वहां सीमा शुल्क संबंधी औपचारिकताएं पूरी होंगी। इसके बाद इसे जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट, मुंबई भेजा जाएगा। मुंबई से समुद्री मार्ग के जरिये यह खेप ओमान के लिए रवाना होगी। यह मार्ग वाराणसी के उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह निर्यात भारत और ओमान के बीच मजबूत होते व्यापारिक संबंधों को दर्शाता है। यह प्रस्तावित व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के बाद की पहली खेप है।
पिछले वर्ष शारजाह के लिए बिस्किट निर्यात शुरू हुआ था
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा कि वाराणसी जैसे भू-आबद्ध क्षेत्र से ओमान के लिए निर्यात होना बड़ी उपलब्धि है। यह अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने की इच्छा रखने वाले अन्य स्थानीय निर्यातकों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। एपीडा के क्षेत्रीय प्रमुख सी.बी. सिंह ने बताया कि वाराणसी क्षेत्र से कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निरंतर काम हो रहा है। इससे पहले यहां से आम, मिर्च और भिंडी जैसे ताजे उत्पाद विदेशों में भेजे जा चुके हैं। पिछले वर्ष शारजाह के बाजार के लिए बिस्किट निर्यात शुरू हुआ था।
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बनारसी उत्पादों को मिले विदेशी बाजार और नए खरीदार
तिरुपति बालाजी इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर प्रतीक अग्रवाल ने कहा कि उद्योग एवं निर्यात समर्थक नीतियों ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार का नया केंद्र बनाने की नींव रखी है। उन्होंने कहा कि वाराणसी से कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को विश्व के अधिक देशों तक पहुंचाना उनका लक्ष्य है। इससे किसानों, उद्योगों और स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे। एपीडा द्वारा स्थानीय निर्यातकों को आहार-2026 और गल्फूड-2026 जैसे व्यापार मेलों में सहभागिता कराई गई है। इन प्रयासों से बनारसी उत्पादों को विदेशी बाजार और नए खरीदार मिले हैं।
बिस्किट की यह खेप सड़क मार्ग से कानपुर स्थित इनलैंड कंटेनर डिपो पहुंचेगी। वहां सीमा शुल्क संबंधी औपचारिकताएं पूरी होंगी। इसके बाद इसे जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट, मुंबई भेजा जाएगा। मुंबई से समुद्री मार्ग के जरिये यह खेप ओमान के लिए रवाना होगी। यह मार्ग वाराणसी के उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह निर्यात भारत और ओमान के बीच मजबूत होते व्यापारिक संबंधों को दर्शाता है। यह प्रस्तावित व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) के बाद की पहली खेप है।
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पिछले वर्ष शारजाह के लिए बिस्किट निर्यात शुरू हुआ था
कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के अध्यक्ष अभिषेक देव ने कहा कि वाराणसी जैसे भू-आबद्ध क्षेत्र से ओमान के लिए निर्यात होना बड़ी उपलब्धि है। यह अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने की इच्छा रखने वाले अन्य स्थानीय निर्यातकों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। एपीडा के क्षेत्रीय प्रमुख सी.बी. सिंह ने बताया कि वाराणसी क्षेत्र से कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए निरंतर काम हो रहा है। इससे पहले यहां से आम, मिर्च और भिंडी जैसे ताजे उत्पाद विदेशों में भेजे जा चुके हैं। पिछले वर्ष शारजाह के बाजार के लिए बिस्किट निर्यात शुरू हुआ था।
बनारसी उत्पादों को मिले विदेशी बाजार और नए खरीदार
तिरुपति बालाजी इंडस्ट्रीज के डायरेक्टर प्रतीक अग्रवाल ने कहा कि उद्योग एवं निर्यात समर्थक नीतियों ने उत्तर प्रदेश को वैश्विक व्यापार का नया केंद्र बनाने की नींव रखी है। उन्होंने कहा कि वाराणसी से कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों को विश्व के अधिक देशों तक पहुंचाना उनका लक्ष्य है। इससे किसानों, उद्योगों और स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे। एपीडा द्वारा स्थानीय निर्यातकों को आहार-2026 और गल्फूड-2026 जैसे व्यापार मेलों में सहभागिता कराई गई है। इन प्रयासों से बनारसी उत्पादों को विदेशी बाजार और नए खरीदार मिले हैं।