UP: जौनपुर के डीएम का आधा वेतन रोकने का आदेश, तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस; 22 अप्रैल को अगली सुनवाई होगी
Jaunpur News: सड़क हादसे के एक मामले में कार्रवाई न करने जौनपुर के जिलाधिकारी और तहसीलदार को भारी पड़ गया। वाराणसी के मंडलायुक्त को मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के जज ने कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विस्तार
UP News: सड़क दुर्घटना के एक मामले में वाहन स्वामी से क्षतिपूर्ति की धनराशि की वसूली न करने पर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के जज मनोज कुमार अग्रवाल ने जौनपुर के जिलाधिकारी का आधा वेतन रोकने का आदेश वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राजलिंगम को दिया है।
अधिकरण ने जिलाधिकारी के कृत्य को आपत्तिजनक बताया। साथ ही मछलीशहर के तहसीलदार को कारण बताओ नोटिस जारी किया और कहा कि क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई के लिए मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट को संदर्भित किया जाए। मामले की अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी।
सुजानगंज के फत्तूपुर निवासी रामलाल की 16 फरवरी 2019 को मोटरसाइकिल से ससुराल जा रहे थे। इस बीच टेंपो चालक की लापरवाही से दुर्घटना के शिकार हो गए। उनका पैर कई जगह टूट गया था। रामलाल का इलाज चला और रुपये भी खर्च हुए। पीड़ित ने टेंपो मालिक गुलाम हसन निवासी लाई मंडी साहबगंज मुंगराबादशाहपुर एवं बीमा कंपनी द ऑरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ क्षतिपूर्ति का मुकदमा दाखिल किया।
कार्रवाई के निर्देश
टेंपो चालक के पास ड्राइविंग लाइसेंस न होने के कारण कोर्ट ने बीमा कंपनी को उत्तरदायी नहीं माना और वाहन स्वामी को क्षतिपूर्ति के लिए उत्तरदायी मानते हुए 1.60 लाख रुपये क्षतिपूर्ति का आदेश दिया। साथ ही 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का वाहन स्वामी को आदेश दिया। ब्याज का भुगतान 21 जनवरी 2025 तक 2019 करना था।
आदेश के बावजूद वाहन स्वामी ने भुगतान नहीं किया। तब याची के प्रार्थना पत्र पर अधिकरण ने धनराशि की वसूली के लिए रिकवरी नोटिस जारी किया लेकिन मछलीशहर के तहसीलदार ने न तो वसूली कराई और न ही स्पष्टीकरण दिया। इस पर मछलीशहर तहसीलदार का आधा वेतन रोकने का आदेश दिया गया। इसके बावजूद जिलाधिकारी की ओर से वेतन रोकने के संबंध में कोई आख्या प्रस्तुत नहीं की गई और न ही आदेश का अनुपालन हुआ। इस पर अधिकरण ने सख्त रुख अपनाया।
आदेश की जानकारी नहीं है। कॉपी भी नहीं मिली है। जानकारी मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। - दिनेश चंद्र, डीएम जौनपुर