देश का कोई भी मंदिर अब बिना पुजारी के नहीं होगा, संत समिति सुधारेगी व्यवस्था
मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के साथ ही देश में मंदिर आधारित संस्कृति को विकसित करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। अखिल भारतीय संत समिति ने कार्ययोजना पर अमल करना शुरू कर दिया है। मंदिरों की व्यवस्था से लेकर पूजा-पाठ व राग भोग के इंतजाम को दुरुस्त करने के लिए समिति व्यापक स्तर पर अभियान चलाने जा रही है। इसमें देशभर के सभी राज्यों के छह सौ जिलों तक संत समाज पहुंचेगा।
सनातन धर्म को मजबूत करने और मंदिरों की व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए अखिल भारतीय संत समिति अभियान शुरू करेगी। इसकी शुरुआत हिमाचल प्रदेश के कुल्लू से होने वाली है। अभियान के तहत देश के हर मंदिरों में पुजारी नियुक्त करने के साथ ही व्यवस्था को दुरुस्त करने की कवायद की जाएगी। देश भर में छोटे-बड़े मंदिरों की संख्या मिलाकर लगभग 18 लाख से अधिक हैं।
इसमें कई मंदिर तो बेहद प्रसिद्ध और वैश्विक पहचान भी रखते हैं। वहीं दूसरी तरफ ग्राम सभाओं और छोटे शहरों में कई ऐसे मंदिर हैं, जहां की व्यवस्था ठीक नहीं है। वहां राग-भोग समेत पूजा के इंतजाम भी बेहतर नहीं हैं। काशी में जनवरी में अखिल भारतीय संत समिति की बैठक में इस मुद्दे पर सहमति बनी थी।
संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि भगवान राम का मंदिर बनने में 36 से 39 महीने लगेंगे। ऐसे में देश में मंदिर आधारित संस्कृति के विकास के लिए संत समाज कटिबद्ध है। राम मंदिर निर्माण के साथ मंदिर आधारित संस्कृति के विकास के लिए यह कवायद की जा रही है। देश में कोई भी मंदिर पुजारी विहीन ना हो और भोग और आरती की समुचित व्यवस्था हो। जून में अखिल भारतीय संत समिति के कार्यकारिणी की बैठक कुल्लू में प्रस्तावित है और उसके बाद यह अभियान शुरू हो जाएगा।
मंदिर से जुड़े एक करोड़ परिवारों से किया जाएगा संपर्क
देश भर में मंदिरों की संख्या 18 लाख से अधिक है। छह लाख ग्राम सभाओं में 20 लाख के करीब साधु, 50 लाख पुजारी और मंदिर से जुड़े एक करोड़ परिवारों से संपर्क किया जाएगा। इस अभियान के तहत मंदिरों की सुरक्षा और मंदिर की बेहतर अर्थव्यवस्था खड़ा करने पर काम होगा। वहीं योग्य व्यक्तियों को पुजारी का प्रशिक्षण प्रदान कर योग्यता के हिसाब से मंदिरों में नियुक्ति भी की जाएगी। मंदिरों के रखरखाव और उनकी वर्तमान स्थिति पर भी नजर रखी जाएगी।
काशी में बनना है पुजारी प्रशिक्षण केंद्र
धर्म की नगरी काशी में अखिल भारतीय संत समिति पुजारी प्रशिक्षण केंद्र खोलने की तैयारी में है। इसके लिए शहर के बीचोंबीच पांच एकड़ जमीन की तलाश की जा रही है। केंद्र में कर्मकांड और पूजा के प्रशिक्षण के साथ ही संस्कृतनिष्ठ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी मौजूद होंगे। अखिल भारतीय संत समिति ने इसका खाका तैयार कर लिया है। प्रशिक्षण केंद्र से निकले कर्मकांडी देश ही नहीं दुनिया के हिंदू मंदिरों में पूजा और पाठ कराएंगे।