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सुरक्षा या भौकाल: माननीय व बाहुबलियों की सुरक्षा में हैं सबसे ज्यादा सरकारी गनर, पूर्वांचल बना गन कल्चर का गढ़

ललित शंकर पांडेय, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Wed, 03 Jun 2026 12:20 PM IST
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सार

Varanasi News: पूर्वांचल में माननीय से लेकर बाहुबली नेताओं की सुरक्षा में सबसे ज्यादा सरकारी गनर तैनात हैं। शासन और जिले स्तर से नेताओं को 348 गनर मुहैया है। इतना ही नहीं बिजनेसमैन और धमकी पाने वाले रसूखदार भी गनर से लैस हैं।

Purvanchal highest number of government gunmen deployed for security of honorable and powerful leaders
माननीय और बाहुबली नेताओं का भौकाल टाइट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पूर्वांचल में माफिया से माननीय बने नेताओं के साथ ही बाहुबली छवि के नेताओं का दबदबा और भौकाल टाइट है। सांसद, विधायक, एमएलसी, जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख से लेकर जिला पंचायत सदस्य के साथ ही सत्तारूढ़ समेत अन्य दल के पदाधिकारियों और छुटभैये नेता भी सरकारी गनर लेकर चल रहे हैं। व्यापारियों और धमकियों से सहमे रसूखदार भी गनर रखे हुए हैं।

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वाराणसी जोन के 9 जिलों में 436 गनर है। सबसे अधिक आजमगढ़ में 98 तो सबसे कम भदोही में 19 गनर हैं। खास बात कि 436 गनर में 348 गनर सिर्फ नेताओं की सुरक्षा में हैं। इसमें 264 कांस्टेबल, 80 हेड कांस्टेबल और चार दरोगा शामिल है। शासन और जिला प्रशासन की ओर से उन्हें एसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल रैंक तक की सुरक्षा मुहैया कराई है। 
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व्यापारियों, उद्यमियों के साथ ही रंगदारी, फिरौती समेत अन्य आपराधिक धमकियों के पीड़ितों को भी गनर मुहैया है। व्यापारियों को सुरक्षा के तहत सात कांस्टेबल और 29 कांस्टेबल व धमकियों समेत अन्य कारणों से 13 हेड कांस्टेबल और 40 कांस्टेबल को सरकारी सुरक्षा में तैनात किया गया है। व्यापारियों और धमकियां पाने वालों को एक भी दरोगा नहीं मिला हैं।

गाजीपुर में 51 गनर नेताओं के पास
राजनीतिक दलों के नेताओं को मुहैया गनर के आंकड़ों पर गौर करें तो जौनपुर में एक दरोगा, 13 हेड कांस्टेबल और 46 कांस्टेबल, गाजीपुर में आठ हेड कांस्टेबल व 51 कांस्टेबल है। चंदौली में एक दरोगा, आठ कांस्टेबल और 18 कांस्टेबल है। आजमगढ़ में एक दरोगा, 19 हेड कांस्टेबल व 48 कांस्टेबल है। मऊ में एक हेड कांस्टेबल और 26 कांस्टेबल, बलिया में 7 हेड कांस्टेबल व 45 कांस्टेबल, मिर्जापुर में एक दरोगा, 13 हेड कांस्टेबल व 10 कांस्टेबल, सोनभद्र में आठ हेड कांस्टेबल व 13 कांस्टेबल और भदोही में तीन हेड कांस्टेबल व 7 कांस्टेबल सुरक्षा में हैं।

स्टेटस सिंबल बन चुका है गनर, हर महीने पड़ रहे आवेदन
पूर्वांचल गन कल्चर का गढ़ है। वर्तमान में अब लोग गनर साथ लेकर चलने का स्टेट्स सिंबल बना लिए हैं। आपराधिक पृष्ठभूमि वाले नेताओं ने तो सुरक्षा और माहौल बनाने के लिए गनर रखा हुआ है। जिलों में गनर पाने के लिए हर महीने आवेदन पड़ रहे हैं। जिला, मंडलीय और शासन स्तर से तीन, छह और नौ माह के लिए गनर मुहैया होते हैं।

क्या बोले अधिकारी
शासन और मंडलीय, जिले स्तर से सरकारी सुरक्षा मुहैया कराई जाती है। कमेटी जांच के बाद सुरक्षा देती हैं। कोर्ट के आदेश पर भी गनर दिए जाते हैं। -पीयूष मोर्डिया, एडीजी जोन वाराणसी

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