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गर्मी से तप रही काशी: शहनाई पर बजाया राग मेघ, इंद्रदेव से लगाई बरसने की गुहार
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 17 Jun 2026 09:24 AM IST
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सार
Varanasi News: वाराणसी जिले में चिलचिलाती गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है। इस बीच काशी विश्वनाथ मंदिर के शहनाई वादक पं. महेंद्र प्रसन्ना और उनकी टीम ने गंगा में इंद्रदेव से बारिश की गुहार लगाई।
इंद्रदेव से बारिश की गुहार लगाई
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए मंगलवार को रीवा घाट के सामने गंगा में काशी विश्वनाथ मंदिर के शहनाई वादक पं. महेंद्र प्रसन्ना और उनकी टीम ने इंद्रदेव से बारिश की गुहार लगाई। शहनाई पर राग मेघ धुन बजाकर इंद्रदेव को प्रसन्न किया।
ज्येष्ठ मास की तपती दुपहरी से बेहाल काशीवासियों को राहत दिलाने के लिए पं. महेंद्र प्रसन्ना ने शहनाई वादन से पहले मां गंगा का पूजन-अर्चन किया। कलाकारों ने मां गंगा को पारंपरिक पियरी अर्पित कर लोक-कल्याण की कामना की। इसके बाद पं. महेंद्र प्रसन्ना ने साथियों के साथ गंगा में खड़े होकर शहनाई पर राग मेघ धुन बजाई।
घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने भी मंत्रमुग्ध भाव से प्रभु से मनुहार किया। शहनाई वादन में गणेश प्रसाद, केदारनाथ मिश्र ने दुक्कड़, मालचंद स्वर ने गायन, प्रभात प्रसन्ना, मालचंद और प्रभात प्रसन्ना ने स्वर मंडल पर संगत की।
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ज्येष्ठ मास की तपती दुपहरी से बेहाल काशीवासियों को राहत दिलाने के लिए पं. महेंद्र प्रसन्ना ने शहनाई वादन से पहले मां गंगा का पूजन-अर्चन किया। कलाकारों ने मां गंगा को पारंपरिक पियरी अर्पित कर लोक-कल्याण की कामना की। इसके बाद पं. महेंद्र प्रसन्ना ने साथियों के साथ गंगा में खड़े होकर शहनाई पर राग मेघ धुन बजाई।
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घाट पर मौजूद श्रद्धालुओं ने भी मंत्रमुग्ध भाव से प्रभु से मनुहार किया। शहनाई वादन में गणेश प्रसाद, केदारनाथ मिश्र ने दुक्कड़, मालचंद स्वर ने गायन, प्रभात प्रसन्ना, मालचंद और प्रभात प्रसन्ना ने स्वर मंडल पर संगत की।