रमजान: 29 का चांद हुआ तो तीन साल बाद मिलेंगे पांच जुमे, इबादत में मशगूल हैं मोमिन; जानें खास बातें
Ramadan: करीब तीन साल बाद रमजान में पांच जुमा पड़ने की उम्मीद को लेकर मुस्लिम समाज में उत्साह देखा जा रहा है। लोग इसे इबादत के ज्यादा माैके के ताैर पर देख रहे हैं।
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Varanasi News: मुकद्दस रमजान का पाक महीना चल रहा हैं। मोमिन रोजा, नमाज और तिलावत के साथ पूरी तरह से इबादत में मशगूल हैं। इस महीने में पड़ने वाला हर जुमा रोजेदारों के लिए खास होता है।
इस बार रमजान में पांच जुमे यानी शुक्रवार पड़ सकते हैं। हालांकि ये ईद के चांद से ही तय होगा। इस्लामी कैलेंडर पूरी तरह से चांद के आधार पर चलता है। इसलिए हर महीने की अवधि 29 या 30 दिनों की होती है। चांद दिखने पर ही नए महीने का आगाज होता है। यदि इस साल रमजान 29 दिनों का हुआ तो 20 मार्च को ईद होगी।
इस स्थिति में रमजान महीने में चार जुमे होंगे और अगर रमजान का महीना 30 दिनों का हुआ यानी की चांद 30 का हुआ तो ईद 21 मार्च को पड़ेगी। इस स्थिति में रोजेदारों को पांच जुमे मिल जाएंगे। ऐसा तीन साल बाद होगा जब रमजान में पांच जुमे पड़ेंगे।
वहीं, रमजान भी 32 साल बाद इस बार फरवरी में शुरू हुआ है। मौलाना हारून रशीद नक्शबंदी ने बताया कि इस बार 30 का चांद हुआ तो एक और जुमा मिलेगा। यह चांद के दिखने पर ही निर्भर करेगा। उन्होंने बताया कि अल्लाह तआला मोमिनों को एक महीने की इबादत के बदले ईद की खुशियां तोहफे के ताैर पर देते हैं। उन्होंने कहा कि रमजान के महीने में जुमे के दिन की अहमियत कई गुना बढ़ जाती है। जुमे के दिन खास ताैर पर दुआएं कुबूल होने की उम्मीद ज्यादा रहती है। मस्जिदों में भी इस दिन खास राैनक रहती है।
बाजार में बढ़ने लगी राैनक
15 रमजान पूरे होने के साथ ही बाजारों में राैनक बढ़ने लगी है। कपड़ों की खरीदारी के लिए खास ताैर से लोग अब बाजारों का रुख करने लगे हैं। गोदाैलिया से लेकर गुरुबाग और सिगरा में खरीदारों की भीड़ उमड़ने लगी है। वहीं, बेनियाबाग, दालमंडी और हड़हा सराय में भी खरीदार पहुंचने लगे हैं।
