काशी में श्रीराम मंदिर का शिलान्यास, विश्व का पहला मंदिर जिसमें रामायण काल के सभी पात्र होंगे
- मंदिर होंगे पीतल के विग्रह, मुरादाबाद के रऊफ अली कर रहे 53 मूर्तियों का निर्माण
- श्रीराम की मूर्ति काले ग्रेनाइट एवं माता जानकी की मूर्ति सफेद संगमरमर की होगी
विस्तार
काशी में विजय के महापर्व विजयादशमी के दिन श्रीराम मंदिर का शिलान्यास हुआ। यह विश्व का पहला मंदिर होगा, जिसमें रामायण काल के सभी पात्र मौजूद होंगे। इंद्रेश आश्रम एवं विशाल भारत संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में चल रहे हनुमान चालीसा हवनात्मक यज्ञ के अंतिम दिन शुभ मुहूर्त में इंद्रेशनगर, लमही में मंदिर का शिलान्यास हुआ।
साकेत भूषण श्रीराम मंदिर में त्रेतायुग के 53 विग्रहों को स्थान मिलेगा। साकेत भूषण श्रीराम की मूर्ति काले ग्रेनाइट की एवं माता जानकी की मूर्ति सफेद संगमरमर की बनेगी। बाकी मूर्तियां पीतल की होंगी। पीतल की मूर्ति मुरादाबाद में बनायी जा रही हैं, जिसे रऊफ अली बना रहे हैं।
श्रीराम मंदिर में सभी धर्म, जातियों के लोगों द्वारा दी गई शिला लगाई जाएगी। डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने बताया कि विजयादशमी के दिन साकेत भूषण श्रीराम मंदिर का शिलान्यास पूरे विश्व के देशों के लिये सांस्कृतिक संबंध का प्रतीक स्थल बनेगा।
श्रीरामपंथ का आचार्य पं. अनुज पांडेय एवं पं. प्रदीप शास्त्री को नियुक्त किया गया है। इस दौरान चट्टो बाबा, रमेश शर्मा, डॉ. मुकेश प्रताप सिंह, डॉ. भोलाशंकर, डॉ. गुंजा गुप्ता, डॉ. निरंजन श्रीवास्तव, हितेंद्र श्रीवास्तव, रवीश श्रीवास्तव, मो. अजहरूद्दीन, अर्चना भारतवंशी, नाजनीन अंसारी, डॉ. मृदुला जायसवाल, खुशी रमन, उजाला, इली, दक्षिता, शालिनी मौजूद रहे।
