नियमों की अनदेखी: वाराणसी में मानक के विपरीत दौड़ रहीं स्लीपर बसें, खतरे में यात्रियों की जान
Varanasi News: वाराणसी जिले में मानक के विपरीत स्लीपर बसें दौड़ रही हैं। जिससे यात्रियों की जान का खतरा बना हुआ है। जिले के मड़ौली, लहरतारा, भास्करा तालाब, अंधरापुल और कैंट क्षेत्र से निजी बसें संचालित हैं।
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परिवहन विभाग के मानकों की अनदेखी कर स्लीपर और चेयरकार बसों में यात्रियों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। मड़ौली, लहरतारा, फुलवरिया, भास्करा तालाब, अंधरापुल, सामनेघाट के मुरारी चौक और कैंट क्षेत्रों से अधिकतर बसों के मानक पूरे नहीं हैं। 60 सीट की क्षमता है तो 110-120 सीटें अतिरिक्त लगाए गए हैं। इससे टैक्स की भी चोरी हो रही है। कागजों पर फिटनेस पास है, लेकिन हकीकत में फेल हैं।
स्लीपर बसों में आग से सुरक्षा के इंतजाम नहीं और निकास द्वार की भी कोई व्यवस्था नहीं है। पिछले दिनों परिवहन विभाग के अधिकारियों ने जांच अभियान चलाया तो अधिकतर ट्रैवल्स की बसें मानक के विपरीत मिलीं। दो बसों में तो निकास द्वार ही नहीं था और 10 बसें ऐसी थी, जिनमें आग से सुरक्षा के उपकरण नदारद थे। 10 से अधिक बसें फिटनेस में फेल मिली थीं।
पर्दे और अंधेरी लाइट से छिपाते हैं सीट, ताकि न पड़े नजर
बिहार-झारखंड के माननीय और प्रभावशाली लोगों की निजी बसें चार साल में सबसे अधिक काशी में बढ़ी हैं। हर महीने दो से तीन नई बसें बढ़ रही हैं। यात्रियों के साथ ही शराब, मादक पदार्थों की तस्करी भी सबसे बढ़ा जरिया बताया जाता है। ट्रैवल्स संचालकों के अनुसार यात्रियों से ज्यादा माल परिवहन किया जा रहा है। स्लीपर बसों की क्षमता कम होती है और संचालक अपनी ओर से सीट बढ़ाते हैं। परिवहन अधिकारियों ने निजी बसों को किसी खामियों में पकड़ भी लिया तो पूर्वांचल के माननीय उसे छुड़ाने में जुट जाते हैं।
मुरारी चौक से बिहार के लिए दौड़ रही हैं कंडम बसें
सामनेघाट के मुरारी चौक से बिहार के लिए निजी बसें संचालित होती हैं। स्टैंड से संचालित अधिकतर बिहार आवाजाही करने वाली बसों की लाइट, टायर और बॉडी हिलती रहती है। बिहार के लिए शराब की तस्करी भी बसों से होती है। थाना-चौकी को भी भनक होती है। परिवहन विभाग की ओर से बसों पर कार्रवाई नहीं की गई है।
अधिकारी बोले
टैक्स समेत अन्य बिंदुओं पर निजी बसों की जांच नियमित होती है। मानक के विपरीत चलने वाली निजी बसों पर सीज और चालान की कार्रवाई होती है। -सुधांशु रंजन, एआरटीओ प्रवर्तन
