UP: रिजर्व प्रश्न पत्र से आजमगढ़ समेत आठ जिलों में होगी इंटरमीडिएट की संस्कृत की परीक्षा, गोपनीयता पर ध्यान
UP Board: आजमगढ़ में गलती से संस्कृत विषय का प्रश्नपत्र खुल गया था। इसको लेकर यह व्यवस्था की गई है, ताकि परीक्षा की गोपनीयता बरकरार रहे। इस बार आजमगढ़ के अलावा अन्य जिलों का नाम गोपनीय रखने के निर्देश मिले हैं।
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यूपी बोर्ड की ओर से पूरे प्रदेश में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाएं कराई जा रही हैं। इस क्रम में 12 मार्च को होने वाली इंटरमीडिएट की संस्कृत की परीक्षा का प्रश्नपत्र 20 फरवरी को आजमगढ़ जिले के एक केंद्र में गलती से खुल गया था। उसी कोड के पेपर 7 अन्य जिलों में भी भेजे गए थे। ऐसे में गोपनीयता बरकरार रखते हुए बोर्ड ने आजमगढ़ समेत इन 8 जिलों में रिजर्व सेट के माध्यम से संस्कृत की परीक्षा कराने का निर्णय लिया है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए सभी जिलों में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर सभी विषयों के प्रश्नपत्र मूल कॉपी और रिजर्व सेट में पहुंचा दिए गए हैं। 20 फरवरी को सुबह 8.30 बजे से 11.45 बजे की पाली में हाईस्कूल की सामाजिक विज्ञान विषय की परीक्षा थी।
इसी बीच आजमगढ़ के मेहनगर स्थित मां शारदा इंटर कॅालेज सिंहपुर सरैया में इंटरमीडिएट का संस्कृत विषय का प्रश्नपत्र गलती से खुल गया। हालांकि, फिर कार्रवाई करते हुए तत्कालीन केंद्र व्यवस्थापक, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक और स्टैटिक मजिस्ट्रेट को हटा दिया गया। इनके स्थान पर केंद्र व्यवस्थापक सत्य प्रकाश सिंह, बाह्य केंद्र व्यवस्थापक शैलेंद्र कुमार और प्रवीण कुमार कुशवाहा को स्टैटिक मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है।
क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय के सहायक सचिव मनोज कुमार ने बताया कि आजमगढ़ समेत 8 जिलों में 12 मार्च को इंटरमीडिएट की संस्कृत की परीक्षा रिजर्व सेट से कराई जाएगी। आजमगढ़ के अलावा अन्य जिलों का नाम गोपनीय रखने के निर्देश मिले हैं।
एएमयू और यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन के बीच समझौता
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) और अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ ह्यूस्टन ने अकादमिक अनुसंधान, संकाय विकास और शिक्षण कार्यक्रमों को बढ़ावा देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। ह्यूस्टन में भारत के महावाणिज्य दूतावास के सहयोग से हुआ यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच ज्ञान, समावेश और वैश्विक जुड़ाव की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
महावाणिज्य दूत डीसी मंजूनाथ ने कहा कि यह सहयोग भारत की राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप है, जो शिक्षा के अंतरराष्ट्रीयकरण और वैश्विक अकादमिक गतिशीलता पर केंद्रित है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छात्रों व शिक्षकों की आवाजाही और संयुक्त अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र लोगों के बीच आपसी संबंधों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह साझेदारी भू-विज्ञान डाटा और भारतीय अध्ययन जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं पैदा करेगी।
