वाराणसी में लूटपाट का नया फॉर्मूला: राहगीरों को पीटकर खास तरीके से ट्रांसफर कराते थे रकम, दबोचे गए तीन आरोपी
वाराणसी पुलिस ने राहगीरों की पिटाई कर उनसे रकम ट्रांसफर कराने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी लूटी गई रकम को पुलिस से बचने के लिए खास तरीके से ट्रांसफर कराते थे।
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राहगीरों की पिटाई कर मोबाइल लूटने और गेमिंग ऐप के जरिए रकम ट्रांसफर कराने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को सारनाथ पुलिस ने सोमवार को हृदयपुर अंडरपास से गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से चार मोबाइल फोन, घटना में प्रयुक्त बाइक और 2510 रुपये नकद बरामद किए गए।
एडीसीपी वरुणा लिपि नागायच ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में चोलापुर के टिसौरा निवासी अनीश कुमार चौबे उर्फ विशाल, सिंधोरा के मवईया निवासी धीरज यादव उर्फ गोलू और चोलापुर के मुरली निवासी अनिकेत यादव उर्फ गोलू शामिल हैं।
31 मई की रात आरोपियों ने सिंहपुर रिंग रोड पर एक बाइक सवार युवक को रोक लिया और उसकी पिटाई करने के बाद उसके मोबाइल से फोनपे के जरिए 91 हजार रुपये ट्रांसफर करा लिए। पूछताछ में अनीश चौबे ने बताया कि रकम सीधे बैंक खाते में न मंगाकर ऑनलाइन गेम 'एविएटर' के खाते में ट्रांसफर कराई जाती थी, ताकि पुलिस आसानी से उन तक न पहुंच सके।
उसने बताया कि बाद में गेमिंग खाते से रकम वापस निकाल ली जाती थी और आपस में बांट ली जाती थी। सारनाथ एसीपी विदुष सक्सेना ने बताया कि यह एक गिरोह है, जो ऑनलाइन गेमिंग की लत का फायदा उठाकर अपराध कर रहा था। ठगी और लूट के जरिए हासिल रकम गेमिंग खातों में भेजी जाती थी, जहां से कमीशन काटने के बाद पैसे वापस मिल जाते थे।
सारनाथ थानाध्यक्ष पंकज त्रिपाठी ने बताया कि अनीश चौबे कटरा और होटल का संचालन भी करता है। वह ऑनलाइन गेमिंग में काफी पैसा हार चुका था। यहां तक कि उसने अपनी सोने की चेन भी गिरवी रख दी थी। लगातार नुकसान होने के बाद वह अपने साथियों के साथ लूटपाट की घटनाओं में शामिल हो गया। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इस तरह कितने लोगों को निशाना बनाया है। तीनों आरोपियों के खिलाफ पहले से भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।