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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Tree plantation drive fails in Varanasi 6,000 saplings planted in Harhua only 30 survived

वाराणसी में पौधरोपण अभियान फेल: हरहुआ में 6000 पौधे लगाए, 30 ही बचे, मंत्री का लगाया बरगद भी नष्ट

Mon, 03 Aug 2026 09:23 AM IST
Pragati Chand अभिषेक सेठ, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी।
अभिषेक सेठ, संवाद न्यूज एजेंसी, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Mon, 03 Aug 2026 09:23 AM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी में पौधरोपण अभियान का दावा फेल हो गया। हरहुआ में जिस जमीन पर 6000 पौधे लगाए गए थे वहां सिर्फ 30 पौधे बचे हैं। 

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Tree plantation drive fails in Varanasi 6,000 saplings planted in Harhua only 30 survived
हरहुआ में इसी मैदान में हुआ था पौधरोपण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरहुआ में चार साल में 6000 पौधे लगाए गए। इनमें से 5970 पौधे नष्ट हो गए हैं। जिस जमीन पर पौधे लगाए गए थे वहां सिर्फ 30 पौधे बचे हैं। यूपी के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बरगद का जो पौधा लगाया था उसे भी वन विभाग नहीं बचा सका। बरगद का पौधा नष्ट हो चुका है। 

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पर्यटन मंत्री ने विशेष अभियान के तहत छह जुलाई 2022 को पौधा लगाया था। वन विभाग की तरफ से अभियान चलाकर 2022 से 2025 के बीच हरहुआ ग्राम पंचायत के छह बीघे जमीन पर चार बार में 6000 पौधे लगाए गए थे। सबसे ज्यादा 3000 पौधे 2022 में लगाए गए थे। 
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इसी तरह तीन बार में तीन हजार पौधे और लगाए गए लेकिन पौधों की सुरक्षा के इंतजाम नहीं किए गए। ट्री गार्ड तक नहीं लगवाए गए। तारबंदी तक नहीं कराई गई। पौधों की जियो टैगिंग नहीं हुई। 
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हमारी टीम की पड़ताल से पता चला कि नीलगाय, गाय, भैंस और बकरियों ने पौधे नष्ट किए हैं। पौधरोपण क्षेत्र में महज 30 पौधे ही बचे हैं। वन विभाग का दावा था कि पौधरोपण से क्षेत्र में हरियाली बढ़ेगी लेकिन यह सपना अधूरा रह गया।  

जिले में केवल एक प्रतिशत वन
भारतीय वन सर्वेक्षण (फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया) की द्विवार्षिक इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, वाराणसी का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 1,535 वर्ग किलोमीटर है। इसके सापेक्ष जिले में कुल वनाच्छादन मात्र 16.49 वर्ग किलोमीटर है। प्रतिशत के लिहाज से यह जिले के कुल भौगोलिक क्षेत्रफल का मात्र 1.07% है। इसमें अति सघन वन 0.00 वर्ग किलोमीटर में हैं। यानी जिले में प्राकृतिक रूप से बेहद घने जंगल शून्य हैं। मध्यम सघन वन 1.54 वर्ग किलोमीटर और खुले वन 14.95 वर्ग किलोमीटर में हैं।
 

अधिकारी बोले
छुट्टा पशुओं द्वारा पौधों को नुकसान पहुंचाया जाना एक गंभीर समस्या है। पौधों की सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग और उचित घेराबंदी की व्यवस्था क्यों नहीं है, इसकी जांच कराई जाएगी। एक-एक पौधे को जीवित रखना हमारी प्राथमिकता है। इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार क्षेत्रीय अधिकारियों से जवाब-तलब किया जाएगा। भविष्य में यहां नए सिरे से सघन पौधरोपण कराया जाएगा और इस बार पौधों को बचाने के लिए ट्री-गार्ड तथा फेंसिंग (तारबंदी) की शत-प्रतिशत व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। -निधि चौहान, डीएफओ 

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