फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   UP Election BJP Samrasta Sankalp from Kashi Preparing to align Dalit-OBC equation by leveraging legacy Ravidas

UP: काशी से भाजपा का समरसता संकल्प, रविदास के सहारे दलित-ओबीसी समीकरण साधने का प्लान; बेहद अहम है ये समय

Thu, 30 Jul 2026 10:15 AM IST
Sharukh Khan राहुल दुबे, अमर उजाला, वाराणसी
राहुल दुबे, अमर उजाला, वाराणसी Published by: Sharukh Khan Updated Thu, 30 Jul 2026 10:15 AM IST
सार

काशी से भाजपा का समरसता संकल्प अभियान शुरू हुआई है। सात महीने का अभियान गांव-गांव पहुंचेगा। पंजाब और यूपी चुनाव से पहले सामाजिक आधार मजबूत करने की रणनीति है। 

विज्ञापन
UP Election BJP Samrasta Sankalp from Kashi Preparing to align Dalit-OBC equation by leveraging legacy Ravidas
UP Election - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

संत शिरोमणि रविदास की 650वीं प्रकाश जयंती वर्ष के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र काशी से भाजपा ने एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक अभियान की शुरुआत की है। सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास जन्मस्थली से शुरू हुआ सात महीने का समरसता संकल्प अभियान केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि ओबीसी और दलित समाज तक अपनी पहुंच मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल और केंद्रीय राज्यमंत्री पंकज चौधरी की मौजूदगी में शुरू हुए इस अभियान का समापन फरवरी 2027 में होगा। राजनीतिक रूप से यह समय बेहद अहम है, क्योंकि इसी दौरान पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज होंगी और उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां बढ़ेंगी। 
विज्ञापन


कार्यक्रम के मंच पर भाजपा ने सामाजिक समीकरणों का स्पष्ट संदेश दिया। इसमें मौजूद प्रमुख नेताओं में बड़ी संख्या ओबीसी और दलित समुदाय से जुड़े चेहरों की रही। उत्तर प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और दिल्ली से आए नेताओं के साथ कई केंद्रीय स्तर के दलित नेताओं ने भी भागीदारी की। 
विज्ञापन
विज्ञापन

कार्यक्रम में रैदास समाज से जुड़े करीब 100 संतों की उपस्थिति ने आयोजन के सामाजिक महत्व को और बढ़ाया। भाजपा लंबे समय से डॉ. भीमराव अंबेडकर, संत रविदास, महर्षि वाल्मीकि और अन्य दलित संतों-महापुरुषों की विरासत को अपने राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बनाती रही है। 
 

इस अभियान में संत रविदास के समता, सामाजिक न्याय और भेदभाव मुक्त समाज के संदेश को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

अभियान के तहत कलश यात्रा, संत संपर्क कार्यक्रम, समरसता यात्राएं, छात्रावास संपर्क और बूथ स्तर तक पहुंच बनाने की योजना तैयार की गई है। इसका उद्देश्य गांव-गांव तक संत रविदास के विचारों को पहुंचाने के साथ सामाजिक संवाद को मजबूत करना है।

पंजाब के लाखों अनुयायियों का भावनात्मक जुड़ाव
पंजाब इस अभियान के केंद्र में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। राज्य के दोआबा क्षेत्र में रविदासिया समाज का मजबूत सामाजिक प्रभाव है और कई विधानसभा क्षेत्रों में यह समुदाय निर्णायक भूमिका निभाता है।

काशी स्थित संत रविदास जन्मस्थली से पंजाब के लाखों अनुयायियों का भावनात्मक जुड़ाव है। ऐसे में काशी से अभियान की शुरुआत कर भाजपा ने उत्तर प्रदेश और पंजाब दोनों राज्यों के लिए एक साझा सामाजिक संदेश देने की कोशिश की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed