Varanasi News: दो युवक गंगा में डूबे, स्थानीय बोले- मना करने पर बोले तैरना आता है; बुझ गया घर का इकलाैता चिराग
Varanasi News: तुलसी घाट पर गंगा स्नान के दाैरान युवकों के डूबने की सूचना मिलते ही माैके पर सुरक्षा टीम भी पहुंच गई। खबर लिखे जाने तक मशक्कत के बाद एक युवक को बाहर निकाला गया। परिजनों में कोहराम मच गया था।
विस्तार
Varanasi News: भेलूपुर थाना क्षेत्र के तुलसी घाट पर रविवार की सुबह गंगा स्नान के दौरान दो युवक डूब गए। घटना के बाद घाट पर मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। इस दौरान घाट पर अफरातफरी मच गई। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
गोरखपुर से एक परिवार करीब 15 सदस्यों के साथ वाराणसी घूमने और गंगा स्नान के लिए आया था। सुबह सात बजे परिवार के सभी लोग तुलसी घाट पर गंगा में स्नान कर रहे थे। इसी दौरान 12 वर्षीय आयुष और 18 वर्षीय निखिल गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते डूबने लगे।
परिजनों में मचा कोहराम
स्थानीय लोगों ने बताया कि एक युवक को मना किया गया कि आगे पानी गहरा है, उधर मत जाए, लेकिन उसने कहा कि हमको तैरने आता है। उसके साथ एक छोटा बालक भी था, तभी अचानक उसका पर फिसला, वह डूबने लगा। उसे बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन वह डूब गया।
सूचना मिलते ही एनडीआरएफ और जल पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया। टीम ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद 18 वर्षीय निखिल को गंगा से बाहर निकाल लिया। वहीं, 12 वर्षीय आयुष की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।
आयुष के पिता अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि वह खरकूटा पोस्ट डुमरैला थाना झगहां जिला गोरखपुर में टेंट का काम करते थे। एक ही लड़का था, जो अब गंगा में डूब गया है। वहीं, दूसरा जो मिला है वह हमारे बहन का लड़का है, जिसका नाम निखिल है, जिसके पिता पिंटू गुप्ता हैं। वह ग्राम पाण्डेयपार पोस्ट कौड़ीराम थाना कौड़ीराम जिला गोरखपुर में रहते हैं। वह खेती करते थे।
आंख के सामने ही डूब गए युवक
निखिल इस साल 12वीं की परीक्षा देने की तैयारी कर रहा था। उसका कहना था कि बड़ा होकर सरकारी नौकरी करूंगा और अपने परिवार की समस्याओं को दूर करूंगा। अनिल ने बताया कि सभी लोग गंगा किनारे स्नान कर रहे थे तभी हमारा लड़का स्नान करते हुए आगे चला गया और वह डूबने लगा। इस दौरान हमारी बहन का लड़का निखिल उसे बचाने के लिए उसके पीछे-पीछे गया, लेकिन उसका भी पर फैसला और वह डूबने लगा
हमने वहां मौजूद लोगों को आवाज लगाई, लेकिन जब तक मदद मिलती, तब तक दोनों हमारी आंख के सामने ही डूबने गए। उन्होंने बताया कि हम सभी अपनी गाड़ी नमो घाट पर खड़ी किए थे। वहां से अस्सी घाट आए थे। सुबह हमने आरती अच्छी से देखी और फिर गंगा स्नान करके बाबा विश्वनाथ दर्शन करने के लिए जाने वाले थे।