UP: ग्रामीणों का आरोप- तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ी, एक की मौत; चिरईगांव में टीका लगाने वाले टीम से नोकझोंक
Varanasi News: चिरईगांव में टीकाकरण टीम से ग्रामीणों की नोकझोंक हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि टीका लगने के बाद तीन बच्चों की तबीयत बिगड़ गई, जिनमें एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो का निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मौत के कारण की पुष्टि जांच के बाद होगी।
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चिरईगांव के मातृ-शिशु कल्याण उपकेंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर कादीपुर खुर्द में सोमवार को बच्चों को टीका लगाने गई स्वास्थ्य विभाग की टीम से ग्रामीणों की नोकझोंक हुई। ग्रामीणों ने टीका लगवाने से इन्कार कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि 20 जून को तीन बच्चों को टीका लगा था। बाद में तीनों की तबीयत बिगड़ गई। इन सबको निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान एक बच्ची की मौत हो गई। दो की हालत नाजुक है।
ग्रामीणों का आरोप था कि कादीपुर खुर्द स्थित उपकेंद्र पर 20 जून को एएनएम रेखा पांडेय ने शाहपुर निवासी मधु देवी की 18 मई को जन्मी बेटी, कुसुम देवी की 15 मई को जन्मी बेटी और सीमा देवी के 3 जून को जन्मे बेटे सहित अन्य बच्चों को टीका लगाया। कुछ देर बाद तीनों की तबीयत बिगड़ गई।
अस्पताल में इलाज के दौरान 22 जून को मधु देवी की बेटी की मौत हो गई। दो का इलाज जारी है। पीएचसी प्रभारी डॉ. राजनाथ राम ने बताया कि मामला संज्ञान में है। जिम्मेदार लोगों से रिपोर्ट मांगी गई है।
जिला प्रतिरक्षण (टीकाकरण) अधिकारी से मामले की जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट देखने के बाद ही आगे कार्रवाई तय होगी। - डॉ. मुकेश कुमार, सीएमओ
टीका हमेशा बीमारियों से बचाव के लिए लगाया जाता है। किसी भी बच्चे को टीका लगने के बाद उसकी मौत नहीं हो सकती है। बच्चों की तबीयत किसी दूसरी वजह से बिगड़ी होगी। इलाज के दौरान बच्ची की मौत की वजह दूसरी भी हो सकती है। - डॉ.अशोक राय, बाल रोग विशेषज्ञ