दरभंगा व्यवहार न्यायालय के तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने 31 वर्ष पुराने हत्या मामले में क्राइम के चर्चित अधिवक्ता एवं पूर्व लोक अभियोजक अंबर इमाम हासमी और उनके भाई कौशर इमाम हासमी को दोषी करार देते हुए कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया है। अदालत ने विशनपुर थाना कांड संख्या 58/94 की सुनवाई पूरी करते हुए यह निर्णय सुनाया। इस मामले में सजा की घोषणा 31 जनवरी 2026 को की जाएगी।
1994 की घटना से जुड़ा मामला
यह मामला 8 अगस्त 1994 की शाम करीब 7 बजे का है, जब विशनपुर थाना क्षेत्र के बसंत गांव से सटे गुणसार पोखर के दक्षिणी-पूर्वी हिस्से में अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाका दहल उठा था। गोली चलने और घायलों की चीख-पुकार से आसपास के गांवों में अफरातफरी मच गई थी।
लोक अभियोजक ने दी जानकारी
व्यवहार न्यायालय के लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि इस चर्चित हत्याकांड में बसंत गांव निवासी कौशर इमाम हासमी, अंबर इमाम हासमी, राजा हासमी, मोबिन हासमी और अंजार हासमी को अदालत ने दोषी घोषित किया है। अदालत ने सत्रवाद संख्या 326/99 और सत्रवाद संख्या 320/10 की सुनवाई पूरी करते हुए सभी अभियुक्तों को मानव हत्या का दोषी माना और उनके बंधपत्र खंडित कर जेल भेज दिया।
पशुपालकों पर हुआ था हमला
अदालत के अनुसार, घटना के समय पटोरी गांव के राम कृपाल चौधरी, रामपुकार चौधरी सहित एक दर्जन किसान भैंस चराकर लौट रहे थे और गुणसार पोखर में मवेशियों को पानी पिला रहे थे। तभी बसंत गांव से 25 से अधिक लोग फरसा, भाला और बंदूक से लैस होकर पहुंचे और पशुपालकों को घेर लिया। आरोप है कि मवेशियों को जबरन ले जाने के प्रयास का विरोध करने पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी गई।
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एक की मौत और कई हुए थे घायल
इस गोलीकांड में राम कृपाल चौधरी की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि मोहन चौधरी, रविन्दर चौधरी, अशोक चौधरी, कैलाश बिहारी चौधरी, संगीत चौधरी और रामपुकार चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने सत्रवाद संख्या 320/10 में कौशर इमाम हासमी तथा सत्रवाद संख्या 326/99 में अंबर इमाम हासमी, राजा हासमी, अंजार हासमी और मोबिन हासमी को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 307, 149 और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत दोषी करार दिया है।
31 साल बाद आया फैसला
इस हत्याकांड के ट्रायल में 31 वर्ष बीत गए और 32वें वर्ष में अदालत का फैसला आया है। इस लंबे अंतराल में प्राथमिकी से जुड़े आधा दर्जन से अधिक लोगों की मृत्यु हो चुकी है, वहीं गोली से घायल एक युवक की बाद में मौत हो गई थी।