दरभंगा में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि 31 मार्च तक सभी जिलों में सीओ और राजस्व कर्मचारी लोगों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें, अन्यथा अनुशासनहीन अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एक ही प्रकृति के मामलों में समान रूप से आदेश निर्गत हों, लोगों को देखकर भिन्न-भिन्न फैसले न लिए जाएं।
‘बीमारी पुरानी है, इलाज शुरू हो गया’
डिप्टी सीएम ने राजस्व व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं को ‘पुरानी बीमारी’ बताते हुए कहा कि अब उसका इलाज शुरू हो चुका है। उनके अनुसार यह समस्या विकराल जरूर है, लेकिन सरकार के पास इसका समाधान करने की क्षमता और इच्छाशक्ति दोनों मौजूद हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि उचित दवा और निरंतर प्रयास से व्यवस्था में सुधार लाया जाएगा।
जनसंवाद का विस्तार प्रखंड स्तर तक
उन्होंने बताया कि फिलहाल वे जिला और प्रमंडल स्तर पर जनसंवाद कर रहे हैं, जिससे जमीनी हकीकत का फीडबैक मिल रहा है। जहां सबसे अधिक समस्याएं सामने आ रही हैं, वहां वे सीधे प्रखंड स्तर पर जाकर जनसंवाद आयोजित करेंगे। इस दौरान लोगों की बातें सुनकर विशेष रूप से जमीन से जुड़े विवादों का निपटारा कराया जाएगा।
पढ़ें- सूरज बिहारी हत्याकांड: इंस्टाग्राम विवाद ने ली मशहूर ब्लॉगर की जान, रूह कंपा देने वाला CCTV फुटेज आया सामने
अधिकारियों पर सख्ती का संकेत
डिप्टी सीएम ने कहा कि यदि इसके बाद भी अधिकारी नहीं सुधरे, तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि कार्यभार संभालते ही पहले 100 दिनों में प्रमंडलवार और जिलावार जनसंवाद का निर्णय लिया गया था, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। मार्च तक व्यवस्था में सुधार का लक्ष्य तय किया गया है और राजस्व मुख्यालय के सभी स्तर के अधिकारी इसकी जांच और सुधार प्रक्रिया में जुटे हुए हैं।
वृद्ध की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई
दरभंगा के जनसंवाद में एक वृद्ध व्यक्ति ने शिकायत की कि उन्होंने अपनी जमीन नहीं बेची, फिर भी फर्जी तरीके से बिक्री दिखाकर दबंगों ने कब्जा कर लिया। सीओ से लेकर डीएम स्तर तक चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला। मंत्री के सचिव ने दस्तावेजों की जांच के बाद कहा कि फर्जी कागजात बनाकर गलत काम किया गया है। इसके बाद डिप्टी सीएम ने डीएम और सीओ को निर्देश दिया कि वृद्ध को उसकी जमीन पर कब्जा दिलाया जाए और फर्जी दस्तावेज बनाने वालों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।