बिहार के पटना जिले में हुए एक भीषण सड़क हादसे में शेखपुरा जिले के लोदीपुर गांव के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा मोकामा–सरमेरा मुख्य मार्ग पर आधी रात के बाद हुआ, जब माघी पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरे जुगाड़ वाहन को तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से टक्कर मार दी।
हादसा पटना जिले के घोसवरी थाना क्षेत्र अंतर्गत करकयान गांव के पास पैजना गांव के समीप हुआ। मृतकों की पहचान प्रयाग मांझी की 35 वर्षीय पुत्री मुन्नी देवी, चाद मांझी के 36 वर्षीय पुत्र महेश मांझी और रामस्वरूप मांझी के 40 वर्षीय पुत्र संजय मांझी के रूप में हुई है। संजय मांझी की मौत पटना के पीएमसीएच में इलाज के दौरान हुई।
दुर्घटना में कुल सात लोग घायल हुए हैं, जिनमें अशोक मांझी और घनश्याम मांझी की हालत गंभीर बताई जा रही है। दोनों का इलाज पीएमसीएच में चल रहा है, जबकि अन्य घायलों को मोकामा स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार ट्रक ने जुगाड़ वाहन को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे उस पर सवार लोग उछलकर सड़क पर दूर-दूर तक जा गिरे। घोसवरी थाना पुलिस की गश्ती टीम ने सड़क पर घायलों को तड़पता देख तत्काल उन्हें मोकामा अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दो लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन घायलों को बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच रेफर किया गया।
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स्थानीय निवासी मुन्ना यादव ने बताया कि कुल 10 लोग एक ही जुगाड़ वाहन पर सवार होकर माघी पूर्णिमा के अवसर पर गंगा स्नान के लिए मोकामा जा रहे थे। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया।
सभी मृतक और घायल शेखपुरा जिले के मेहुस थाना क्षेत्र अंतर्गत लोदीपुर मुसहरी टोला के निवासी बताए जा रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। तीनों मृतक अपने-अपने परिवार के कमाने वाले सदस्य थे, जिनके निधन से परिजनों के सामने गंभीर आजीविका संकट खड़ा हो गया है।
यह हादसा एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही और जुगाड़ वाहनों के अवैध परिचालन पर सवाल खड़े करता है। राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंध के बावजूद सड़कों पर जुगाड़ वाहनों का धड़ल्ले से संचालन जारी है। नियमों की अनदेखी और ओवरलोडिंग ने इस बार तीन जिंदगियों की कीमत ले ली।