दरभंगा के लहेरियासराय टावर से चट्टी चौक के बीच पटना हाई कोर्ट के आदेश पर रविवार को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की। इस दौरान चार दुकानों को तोड़कर करीब 40 फीट चौड़ा रास्ता निकाला गया। यह रास्ता मकान मालिक एवं शिक्षक सोनू चौधरी को उनके आवास तक आवागमन के लिए दिया जाना है। कार्रवाई के दौरान सिविल कोर्ट दरभंगा, अंचल अधिकारी, नगर निगम के अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद थे।
कार्रवाई से पहले दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर टूटने वाली दुकानों के सामने धरना शुरू कर दिया। लहेरियासराय टावर से चट्टी चौक तक पूरा बाजार बंद रहा। प्रदर्शन कर रहे दुकानदारों को हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसके बाद उन्हें वहां से खदेड़ दिया गया। इसके तुरंत बाद बुलडोजर चलाकर चारों दुकानों को तोड़ दिया गया और रास्ता बना दिया गया।
बताया जा रहा है कि दुकान तोड़े जाने का विरोध करने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। लाठीचार्ज के बाद आक्रोशित दुकानदारों ने प्रशासन की कार्रवाई के खिलाफ धरना देना शुरू कर दिया।
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गौरतलब है कि रेलवे लहेरियासराय गुमटी पर आरओबी (रेल ओवर ब्रिज) निर्माण को लेकर कुल 61 दुकानों को हटाया जाना है। हाई कोर्ट के निर्देशानुसार नगर निगम को पहले दुकानदारों के लिए वैकल्पिक दुकानें बनाकर उपलब्ध करानी हैं। दुकानदारों की मांग है कि नई दुकानें बनने तक पुरानी दुकानों को न तोड़ा जाए।
प्रभावित दुकानदार आनंद कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि प्रशासन की कार्रवाई पूरी तरह तानाशाहीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि पहले वैकल्पिक दुकानें दी जाएं, लेकिन नगर निगम ने बिना किसी पुनर्वास व्यवस्था के दुकानों को तोड़ दिया।
व्यवसायी संघ के सदस्य अशोक नायक ने बताया कि बी.के. रोड स्थित नगर निगम की जमीन पर बना मार्केट आरओबी निर्माण के लिए हटाया जाना है। नोटिस मिलने के बाद दुकानदार हाई कोर्ट गए थे, जहां कोर्ट ने नगर निगम को निर्देश दिया था कि पहले बी.के. रोड में ही दुकानदारों के लिए नई दुकानें बनाकर दी जाएं। इसके बावजूद, एक अन्य मामले में निचली अदालत के आदेश का हवाला देकर जिला प्रशासन ने चार दुकानों को तोड़ दिया।