बिहार में उत्पाद विभाग और स्थानीय पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर विवादों में है। ताजा मामला वैशाली जिले के मुख्यालय हाजीपुर से सामने आया, जहां देर रात प्रशासन ने दैनिक अखबार के संपादक मनीष कुमार सिंह के घर पर अचानक छापेमारी कर दी।
मंगलवार रात करीब 10 बजे उत्पाद विभाग और नगर थाने की पुलिस पांच गाड़ियों में भरकर नगर थाना क्षेत्र स्थित राजेंद्र चौक के पास किराए के मकान में पहुंची। उस समय पत्रकार अपने पूरे परिवार के साथ सो रहे थे। बिना किसी ठोस पूर्व सूचना के पुलिस ने घर में प्रवेश कर जांच शुरू कर दी। पत्रकार और परिजनों के विरोध के बावजूद पत्नी और बच्चों के सामने पूरे घर की तलाशी ली गई।
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पत्रकार ने बताया कि उनके खानदान में कभी किसी ने नशा नहीं किया, फिर भी शराब की तलाशी के नाम पर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। घटना का वीडियो भी उन्होंने बनाया, जिसमें एक महिला कांस्टेबल पत्रकार से ब्रेथ एनालाइज़र पर सांस फुंकवाती दिख रही है। जांच में अल्कोहल की मात्रा शून्य निकली। रिपोर्ट नील आने के बाद महिला अधिकारी ने सिविल ड्रेस में मौजूद एक युवक को संदिग्ध इशारा किया लेकिन उत्पाद विभाग के इंस्पेक्टर ने महिला अधिकारी को फटकार लगाई। इस पर दोनों के बीच तीखी बहस भी हुई, जिससे कार्रवाई की मंशा पर सवाल उठ गए।
स्थानीय चर्चा है कि मनीष कुमार सिंह लगातार प्रशासन के कथित भ्रष्टाचार को उजागर कर रहे थे। इसी से नाराज होकर प्रशासन ने उन्हें डराने के लिए यह छापेमारी की। लोगों का कहना है कि सड़क पर शराब पकड़ने में नाकाम पुलिस अब रात में घरों में सोए नागरिकों को परेशान कर रही है। हाजीपुर के राजेंद्र चौक और जांच अधिकारियों के कार्यालय के पास नाला सफाई में भी शराब की बोतलें मिलती हैं, लेकिन वहां कार्रवाई नहीं होती। घटना के बाद वैशाली पत्रकार संघ और बुद्धिजीवियों में आक्रोश है। वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप कर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
राजद ने सरकार और प्रशासन पर साधा निशाना
इस पूरे मामले को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने बिहार सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। राजद ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि वैशाली डीएम कार्यालय में कथित रसोइया बहाली में भ्रष्टाचार से जुड़ी खबरें प्रकाशित करने वाले पत्रकार के घर मद्य निषेध विभाग और पुलिस की टीम पहुंची। पार्टी ने दावा किया कि पत्रकार पर शराब सेवन का आरोप लगाकर कार्रवाई की कोशिश की गई, जबकि ब्रेथ एनालाइजर जांच में अल्कोहल की पुष्टि नहीं हुई।
राजद ने अपने बयान में बिहार में बढ़ती अफसरशाही और प्रशासनिक कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर करने वालों को दबाने और परेशान करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि प्रशासन की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।