आईटी मंत्रालय द्वारा एक्स (पूर्व ट्विटर) को आईटी एक्ट और आईटी नियम 2021 के उल्लंघन पर नोटिस जारी किए जाने के बाद एआई टूल्स के दुरुपयोग का मुद्दा और गंभीर हो गया है। खास तौर पर ग्रोक एआई जैसे टूल्स के जरिए अश्लील, आपत्तिजनक और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री के प्रसार को लेकर मंत्रालय ने कड़ी आपत्ति जताई है। मंत्रालय का कहना है कि ऐसे कंटेंट पर रोक न लगाना गंभीर लापरवाही के दायरे में आता है।इसी पृष्ठभूमि में अमर उजाला की ओर से शनिवार को सेक्टर-9 स्थित कार्यालय में एक संवाद का आयोजन किया गया। संवाद में महिलाओं, कॉलेज गोइंग छात्राओं और पुरुषों ने हिस्सा लिया। इस दौरान एआई और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते दुरुपयोग, उसके सामाजिक प्रभाव और नियंत्रण के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। संवाद में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि एआई के दुरुपयोग को रोकने के लिए केवल स्थानीय स्तर पर प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि इसके लिए ग्लोबल गवर्नेंस की जरूरत है। प्रतिभागियों ने चिंता जताई कि कई बार लोग अपनी फोटो या निजी जानकारी खुद साझा नहीं करते, इसके बावजूद वह विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर उपलब्ध हो जाती है, जिससे गलत इस्तेमाल का खतरा बढ़ जाता है। चर्चा के दौरान यह भी सामने आया कि डिजिटल सुरक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम लोगों को भी व्यक्तिगत स्तर पर अधिक सजग और सतर्क रहने की आवश्यकता है। वक्ताओं ने सरकार से मांग की कि एआई के दुरुपयोग पर सख्त कानून बनाए जाएं, ताकि विदेशी कंपनियों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई की जा सके। संवाद का निष्कर्ष यही रहा कि महिलाओं की गरिमा और ऑनलाइन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तकनीक, कानून और जागरूकता—तीनों मोर्चों पर ठोस कदम जरूरी हैं।