{"_id":"6a3b9e6ea19300b009011d2b","slug":"investigation-into-13-year-old-furniture-scam-intensifies-acb-team-raids-shiksha-mission-office-ambikapur-news-c-1-1-noi1488-4429535-2026-06-24","type":"video","status":"publish","title_hn":"अंबिकापुर फर्नीचर घोटाला: 12 साल बाद ACB की शिक्षा मिशन कार्यालय में दबिश; दस्तावेजों को खंगाला, मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अंबिकापुर फर्नीचर घोटाला: 12 साल बाद ACB की शिक्षा मिशन कार्यालय में दबिश; दस्तावेजों को खंगाला, मचा हड़कंप
अमर उजाला नेटवर्क, अंबिकापुर Published by: अंबिकापुर ब्यूरो Updated Wed, 24 Jun 2026 03:14 PM IST
Link Copied
सरगुजा जिले के अंबिकापुर में वर्ष 2011-12 के चर्चित फर्नीचर घोटाले की जांच एक बार फिर तेज हो गई है। यह घोटाला राजीव गांधी शिक्षा मिशन (समग्र शिक्षा) से जुड़ा है और इसमें करोड़ों रुपये की अनियमितता हुई थी। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने बुधवार को जिला परियोजना कार्यालय में अचानक दबिश दी।
एसीबी ने मामले से जुड़े दस्तावेज की गहन जांच शुरू की। जानकारी के अनुसार, घोटाले से संबंधित आवश्यक दस्तावेज लंबे समय से उपलब्ध नहीं कराए जा रहे थे। इसी कारण एसीबी को यह कार्रवाई करनी पड़ी। टीम ने कार्यालय पहुंचकर फर्नीचर खरीदी से जुड़ी महत्वपूर्ण फाइलों का परीक्षण किया। इसके साथ ही अभिलेखों और अन्य रिकॉर्ड की भी जांच की गई। कंप्यूटर और डिजिटल दस्तावेज की भी गहन जांच की गई। जांच के दौरान एसीबी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज को जब्त किया। साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जब्त किए गए रिकॉर्ड के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जानें क्या चर्चित फर्नीचर घोटाला
यह बहुचर्चित घोटाला वर्ष 2011-12 में हुआ था। इसमें विभाग के 11 से 12 अधिकारियों एवं कर्मचारियों के नाम सामने आए थे। जांच में करीब 12 व्यावसायिक फर्मों की संलिप्तता भी उजागर हुई थी। आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत अपराध दर्ज किया गया था। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) एवं 13(2) भी लगाई गई थी।
कार्रवाई से विभाग में हड़कंप
लंबे अंतराल के बाद हुई एसीबी की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच चिंता का माहौल है। माना जा रहा है कि जांच में मिले दस्तावेज के आधार पर जल्द ही बड़ी कार्रवाई हो सकती है। मामले में संलिप्त लोगों पर कानूनी शिकंजा कस सकता है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।