बालोद जिला पुलिस ने ग्राम देवीनवागांव में तांदुला नदी किनारे मिली महिला की लाश मामले में गुत्थी सुलझा ली है। यह मामला कोई दुर्घटना नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या थी, जिसे मृतका के पति धर्मेंद्र निषाद (41) ने ही अंजाम दिया था।
पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देशन में साइबर सेल और थाना बालोद की टीम ने मामले की बारीकी से जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी अपनी पत्नी सावित्री निषाद के घरेलू काम न करने और मानसिक बीमारी के कारण अक्सर बिना बताए मायके चले जाने से नाराज था। घटना के दिन (23 फरवरी) इसी बात पर उपजे आक्रोश में आरोपी ने नदी किनारे पुरानी साड़ी से गला घोंटकर पत्नी की हत्या कर दी और पहचान छिपाने के लिए गले में स्कार्फ लपेट दिया ताकि मामला दुर्घटना लगे। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गुस्से में गला घोंटकर की हत्या
शक के आधार पर जब पुलिस ने मृतका के पति धर्मेंद्र निषाद (41) को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो पहले वह पुलिस को गोलमोल जवाब देकर गुमराह करता रहा। लेकिन तकनीकी साक्ष्यों और कड़ाई से पूछताछ के सामने उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि घटना के दिन उसकी पत्नी ने घर का काम नहीं किया था और बच्चे भूखे स्कूल चले गए थे। इसी गुस्से में वह नदी किनारे गया, जहां उसने पुरानी साड़ी फाड़कर रस्सी बनाई और पत्नी का गला घोंट दिया।