गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में गौरेला पुलिस ने रात्रि गश्त के दौरान मुखबिर की सूचना पर बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से मवेशियों का परिवहन कर रही एक बिना नंबर की पिकअप वाहन को पकड़ लिया। वाहन में सात दुधारू मवेशियों को अमानवीय तरीके से रस्सियों से बांधकर ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। इस दौरान एक भैंसे की मौत हो गई, जबकि अन्य छह मवेशियों को गंभीर हालत में सुरक्षित निकालकर उपचार कराया गया।
पुलिस को सूचना मिली कि बिलासपुर जिले के बेलगहना क्षेत्र से अजय राठौर, जितेन्द्र सिंह राठौर तथा उनके अन्य साथी एक बिना नंबर की पिकअप में भैंस और भैंसों को भरकर तराईगांव-गौरेला मार्ग होते हुए मध्यप्रदेश के जैतहरी के रास्ते कटनी-जबलपुर की ओर बूचड़खाने ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम डायल-112 के स्टाफ रामदयाल आयाम एवं संतोष राठौर के साथ तराईगांव तिराहा पहुंची। कार्रवाई के दौरान ग्राम सरपंच राहुल कुमार और पंच सोन सिंह को भी साक्षी बनाया गया।
संदिग्ध पिकअप वाहन को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर चालक और उसके साथ बैठा एक व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए, जबकि वाहन में मौजूद जितेन्द्र सिंह राठौर को मौके पर ही पकड़ लिया गया। वाहन की तलाशी लेने पर सात मवेशी अत्यंत दयनीय एवं घायल अवस्था में मिले। सभी को तत्काल गौशाला तराईगांव ले जाकर सुरक्षित कराया गया, जहां पशु चिकित्सक ने उनका उपचार किया। उपचार के दौरान एक भैंसे की मौत हो गई, जबकि तीन भैंस और तीन भैंसों की जान बचा ली गई।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पिकअप वाहन अजय राठौर निवासी ग्राम आमाडांड, थाना जैतहरी की है तथा बेलगहना के जंगल क्षेत्र से अज्ञात व्यक्तियों से करीब 1.75 लाख रुपये कीमत के सात मवेशी खरीदकर कटाई के उद्देश्य से ले जाए जा रहे थे। पुलिस ने आरोपी जितेन्द्र सिंह राठौर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से सात मवेशी, बिना नंबर की पिकअप तथा दो मोबाइल फोन सहित करीब 7 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई।