रतलाम के ग्राम हतनारा में मोहर्रम जुलूस के दौरान हाईटेंशन बिजली के तार से ताजिये में करंट फैलने से तीन युवकों की जान चली गई। हादसे के पीछे लापरवाही सामने आई है। बताया जा रहा है कि आयोजन समिति और बिजली विभाग के अधिकारियों के बीच संवाद का अभाव था। पूर्व में कोई समन्वय नहीं किया गया, जिसके चलते यह दर्दनाक हादसा हुआ। शुक्रवार को गांव में तीनों युवकों के जनाजे एक साथ उठे तो हर किसी की आंखें नम हो गईं।
गौरतलब है कि 25 जून की रात ग्राम हतनारा के मेवाती मोहल्ले से ताजिये का जुलूस निकाला जा रहा था। युवक ताजिया लेकर आगे बढ़े तो एक स्थान पर बिजली की हाईटेंशन लाइन के तार से ताजिया टकरा गया। इससे ताजिये में करंट फैल गया और ताजिया लेकर चल रहे तथा उसके साथ मौजूद करीब 15 लोग झुलसकर नीचे गिर गए। अन्य लोगों ने झुलसे और घायल लोगों को उठाकर निजी वाहनों से रतलाम मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल और निजी अस्पताल पहुंचाया। जहां 27 वर्षीय राशिद खान पिता वाहिद खान, 38 वर्षीय सद्दाम (सड्डू) पिता मोहम्मद हुसैन और 32 वर्षीय अरबाज पिता हुसैन, तीनों निवासी ग्राम हतनारा, की मौत हो गई।
शाम को किया अंतिम संस्कार
तीनों मृतकों के घर करीब 500 मीटर के दायरे में स्थित हैं। शाम करीब चार बजे तीनों के जनाजे उनके घरों से एक साथ उठाए गए। तीनों के जनाजे एक साथ देखकर लोगों की आंखें भर आईं। जनाजे गांव के कब्रिस्तान ले जाए गए, जहां तीनों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
बिजली कंपनी का कर्मचारी निलंबित
बिजली कंपनी ने कार्य में लापरवाही बरतने पर कर्मचारी घनश्याम गिर को निलंबित कर दिया है। बिजली कंपनी के कार्यपालन अभियंता कार्यालय से जारी आदेश के अनुसार, मोहर्रम जुलूस के दौरान हतनारा स्थित शिकायत निवारण केंद्र में उपस्थित रहने के बावजूद उन्होंने अपने दायित्वों में लापरवाही बरती। इस कारण उन्हें निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जावरा रहेगा। वहीं, बिजली कंपनी के श्रमिक समरथ मकवाना और गोबीलाल को भी कार्य में लापरवाही के कारण सेवा से पृथक कर दिया गया है।
ज्ञापन सौंपकर की आर्थिक सहायता व कार्रवाई की मांग
अंतिम संस्कार से पहले कांग्रेस नेताओं और समाजजनों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता देने, मामले में लापरवाही बरतने वाले बिजली कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने तथा मृतकों के एक-एक परिजन को बिजली कंपनी में नौकरी देने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि बिजली कंपनी की घोर लापरवाही के कारण यह दुखद हादसा हुआ।
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टीन का शेड बना हादसे का कारण
बिजली कंपनी पिपलौदा के जेई राहुल कुमार ने दूरभाष पर चर्चा में बताया कि हाईटेंशन लाइन करीब 20 फीट ऊंचाई पर है, जबकि ताजिये की ऊंचाई लगभग 17 फीट थी। सामान्यतः ताजिया लकड़ी का बनाया जाता है, लेकिन इस वर्ष बारिश के कारण उसके ऊपर लोहे की टीन का शेड लगाया गया था। यही शेड बिजली की लाइन के संपर्क में आ गया, जिससे हादसा हो गया।
उन्होंने बताया कि आमतौर पर ताजिया समिति के वरिष्ठ सदस्य हाईटेंशन लाइन वाले मार्ग की पूर्व सूचना बिजली विभाग को देते हैं, लेकिन इस बार वरिष्ठ सदस्य किसी कारणवश व्यस्त थे और उनके संज्ञान में लाए बिना ही युवा ताजिया लेकर आगे बढ़ गए। पूरे मामले की विभागीय जांच कराई जा रही है।