गुना बायपास तिराहे पर स्थित मारुति शोरूम के सामने श्रीराम इंश्योरेंस कंपनी के दफ्तर में शुक्रवार को एक दर्दनाक घटना घटी है। कंपनी में कार्यरत सचिन सेन (30) की इमारत से गिरकर संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सचिन लूसन का बगीचा का रहने वाला था और करीब दो साल से कंपनी में काम कर रहा था। लेकिन यह हादसा था या साजिश, इसे लेकर प्रबंधन और परिजनों के बयानों में जमीन-आसमान का फर्क है। मौत के बाद उठे सवालों ने पुलिस जांच को भी उलझा दिया है।
इंश्योरेंस कंपनी प्रबंधन का कहना है कि शुक्रवार दोपहर सचिन अचानक ऑफिस की छत या ऊपरी मंजिल से नीचे आ गिरा। स्टाफ ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्रबंधन इसे दुर्घटना बता रहा है और कहा कि सचिन कुछ दिनों से तनाव में था।
दूसरी तरफ मृतक के बड़े भाई मनीष सेन ने कंपनी के दो वरिष्ठ अधिकारियों पर सीधे हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सचिन पिछले तीन-चार दिन से घर नहीं लौटा था। फोन पर उसने बताया था कि कंपनी के लोग उसे ऑफिस में ही रोककर रखे हुए हैं और पैसे के लिए दबाव बना रहे हैं। परिजनों का दावा है कि सचिन से कंपनी की कुछ रकम बकाया थी, जिसकी वसूली के लिए उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। मनीष का आरोप है कि अधिकारियों ने धमकी दी थी कि जब तक पूरी रकम नहीं देगा, घर नहीं जाने देंगे। इसी दबाव और प्रताड़ना में या तो सचिन ने जान दे दी या उसे धक्का देकर मार दिया गया।
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक सचिन रिकवरी विभाग में काम करता था। कुछ ग्राहकों से कलेक्शन की गई रकम को लेकर उसका प्रबंधन से विवाद चल रहा था। कंपनी उससे हिसाब मांग रही थी, जबकि सचिन का कहना था कि उसने पूरी राशि जमा कर दी है। इसी खींचतान में उसे लगातार ऑफिस में बुलाया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि बुधवार शाम के बाद से सचिन का फोन भी बंद हो गया था।
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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला ऊंचाई से गिरने का लग रहा है, लेकिन परिजनों के गंभीर आरोपों को देखते हुए हर एंगल से जांच की जा रही है। ऑफिस के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और वहां मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ चल रही है। यह भी पता किया जा रहा है कि सचिन पिछले तीन-चार दिन ऑफिस में ही था या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की असल वजह साफ होगी कि चोट गिरने से आई है या किसी हमले से।
फिलहाल सचिन का परिवार सदमे में है। एक युवा की मौत ने कई सवाल छोड़ दिए हैं। क्या यह वाकई हादसा था, या वसूली के दबाव ने एक जिंदगी लील ली? जवाब पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मिल पाएगा। लेकिन इस घटना ने कॉरपोरेट दफ्तरों में कर्मचारियों पर बढ़ते मानसिक दबाव की कलई खोल दी है।