जगदलपुर शहर से लगे आड़ावाल क्षेत्र के एक युवक द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से बनाया गया बाघ का फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद वन विभाग और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। जांच में वीडियो फर्जी पाए जाने पर वन विभाग ने युवक को पकड़कर पूछताछ की। युवक ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए लिखित माफीनामा भी दिया।
जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले सोशल मीडिया पर करीब 10 सेकेंड का एक वीडियो वायरल हुआ था। इसमें राष्ट्रीय राजमार्ग के पास स्थित आड़ावाल के रिहायशी इलाके में एक बाघ घूमता हुआ दिखाई दे रहा था। वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग तुरंत सक्रिय हुआ और मामले की जांच शुरू की।
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जांच के दौरान पता चला कि वीडियो पूरी तरह से फर्जी है और इसे AI की मदद से तैयार किया गया था। वीडियो बनाने वाले युवक ने स्वीकार किया कि उसने लोगों का ध्यान आकर्षित करने के लिए यह वीडियो बनाया और बाद में उसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आड़ावाल क्षेत्र में किसी भी बाघ की मौजूदगी नहीं है और वायरल वीडियो पूरी तरह से भ्रामक है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले ऐसे वीडियो की सत्यता जांचे बिना उन पर विश्वास न करें और न ही उन्हें आगे साझा करें