रणथंभौर टाइगर रिजर्व में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश का असर अब वन क्षेत्र और आसपास के इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। तेज बारिश के कारण कई झरने और नाले ऊफान पर हैं। वहीं पानी के तेज बहाव के कारण मिश्रदरा गेट क्षतिग्रस्त हो गया, जिसके चलते त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने वाला मार्ग आगामी आदेशों तक बंद कर दिया गया है।
रणथंभौर नेशनल पार्क के उपवन संरक्षक मानस सिंह ने बताया कि भारी बारिश के चलते मिश्रदरा गेट तेज बहाव की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हो गया। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने वाले मार्ग पर अस्थायी रूप से आवागमन रोक दिया गया है। गेट की मरम्मत पूरी होने के बाद ही मार्ग दोबारा खोला जाएगा। उन्होंने लोगों से बंद मार्ग का उपयोग नहीं करने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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लगातार बारिश के कारण रणथंभौर के झरने और जलधाराएं पूरे वेग से बह रही हैं, जिससे वन क्षेत्र का प्राकृतिक सौंदर्य और अधिक निखर गया है। हालांकि तेज बहाव के कारण कई स्थानों पर आवाजाही प्रभावित रही। इसी दौरान रणथंभौर से निकलने वाला झरेटी नाला भी ऊफान पर रहा। झरेटी रपट पर पानी भर जाने से सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय को कुंडेरा से जोड़ने वाला मार्ग कई घंटों तक बाधित रहा। जलस्तर कम होने के बाद ही यातायात सामान्य हो सका।
झरेटी रपट के दोनों ओर वाहनों और लोगों की लंबी कतारें लग गईं। पानी का बहाव इतना तेज था कि किसी भी वाहन चालक ने रपट पार करने का जोखिम नहीं उठाया। इसी बीच बजरी से भरे एक ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने तेज बहाव के बावजूद रपट पार करने की कोशिश की। तेज धारा के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली नाले में बहने की स्थिति में पहुंच गई हालांकि चालक बाल-बाल बच गया और बड़ा हादसा टल गया। वन विभाग ने पर्यटकों, श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से नदी-नालों और रपटों को पार करने का प्रयास नहीं करने तथा प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।