स्व. शहीद महेंद्र कर्मा अस्पताल में मंगलवार को विश्व टीबी दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पोस्टर और रंगोली के माध्यम से लोगों को टीबी के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में मेकाज अधिष्ठाता भी उपस्थित रहे, जिन्होंने बीमारी से बचने के उपाय बताए।
टीबी एक गंभीर और घातक बीमारी है जो हर साल लाखों लोगों की जान लेती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 24 मार्च को विश्व टीबी दिवस के रूप में घोषित किया है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य टीबी के खतरों, लक्षणों और बचाव के तरीकों से लोगों को अवगत कराना है।
तीन हफ्तों से अधिक खांसी होने पर टीबी होने की संभावना हो सकती है। टीबी होने पर मुंह से बलगम आता है और कभी-कभी बलगम में खून भी आ सकता है। इससे व्यक्ति कमजोर होने लगता है। टीबी माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस नामक जीवाणु के कारण होती है। यह जीवाणु संक्रमित व्यक्ति के खांसने से हवा में फैल सकता है।
जिन लोगों को पहले से टीबी है, उनके खांसने से यह जीवाणु हवा में फैलते हैं। यदि कोई दूसरा व्यक्ति इन जीवाणु की चपेट में आता है, तो उसे टीबी हो सकती है। धूम्रपान करना टीबी के जोखिम कारकों में शामिल है। सिगरेट या बीड़ी पीने की आदत वाले लोगों को टीबी होने का खतरा अधिक रहता है। बचाव के लिए स्वच्छता और जागरूकता महत्वपूर्ण है।
आयोजन के दौरान एक प्रतियोगिता भी हुई। इसमें प्रथम इनाम अनुराग टंडन समूह को प्रदान किया गया। दूसरा इनाम रश्मि को मिला, जबकि तीसरा स्थान श्रेया पन्ना ने प्राप्त किया। कार्यक्रम में अस्पताल कर्मचारी के साथ सह प्राध्यापक डॉक्टर अमरदीप टोप्पो, डॉक्टर बीएस मनोज, डॉक्टर सुशांत और अन्य डॉक्टरों की टीम मौजूद थी। सभी ने मिलकर जागरूकता अभियान को सफल बनाया।