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अमर उजाला पुलिस की पाठशाला: ग्रेटर नोएडा में छात्रों को मिला सुरक्षा और कानून का ज्ञान
नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 17 Feb 2026 04:44 PM IST
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पुलिस केवल अपराधियों को पकड़ने का काम नहीं करती, बल्कि समाज में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। चोरी, सड़क दुर्घटना, अनहोनी, साइबर क्राइम या महिला अपराध जैसी घटनाओं की स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए। सोशल मीडिया पर अंजान दोस्त से हद से ज्यादा भरोसा खतरनाक होता है। किसी भी आपात स्थिति में 112 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर मदद ली जा सकती है। यह बातें मंगलवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर इकोटेक एक्सटेंशन-1 डाढ़ा में एचएल इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित पुलिस की पाठशाला में एसीपी लाइन हेमंत उपाध्याय ने कहीं।
उन्होंने छात्रों को समझाया कि किसी भी गलत बात को चुपचाप सहने की जरूरत नहीं है। यदि स्कूल परिसर या बाहर किसी प्रकार की बदसलूकी, धमकी या उत्पीड़न की घटना हो तो सबसे पहले अपने शिक्षक या अभिभावक को इसकी जानकारी दें। डरकर चुप रहना समस्या को बढ़ाता है, जबकि सही समय पर शिकायत करने से समाधान संभव होता है। अक्सर छात्र शरारती तत्वों या दबंग प्रवृत्ति के लोगों से घबरा जाते हैं, लेकिन पुलिस हमेशा उनके साथ खड़ी है। लोग कानून के दायरे में रहकर अपनी बात रखें, पुलिस आपकी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को डिजिटल सतर्कता बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती, ओटीपी साझा करना, फर्जी लिंक पर क्लिक करना या लालच भरे ऑफर पर भरोसा करना गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। आभासी (वर्चुअल) दुनिया में आंख बंद कर भरोसा करना खतरनाक हो सकता है। किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की जानकारी तुरंत अभिभावकों और पुलिस को दें।
उन्होंने ट्रैफिक नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का उपयोग करने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। कहां कि सड़क दुर्घटना होने पर घायल व्यक्ति के इलाज के लिए गोल्डन ऑवर महत्वपूर्ण होता है। इसलिए जब कभी भी सड़क हादसा देखे तो घायल को अस्पताल पहुंचाने में मदद करने के अलावा पुलिस को सूचना दे। घायलों की मदद करने के साथ उसे प्राथमिक उपचार में मदद करने वाले व्यक्ति को नेक आदमी योजना के तहत पुरस्कार दिया जाता है। महिला संबंधित शिकायतों के लिए 1090 और साइबर अपराध के मामलों में राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल या 1930 हेल्पलाइन का उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं महिला और बच्चों संबंधी का कानून की जानकारी दी। साथ ही पुलिस की भूमिका, जिम्मेदारियों और आमजन की सुरक्षा में पुलिस की भागीदारी के बारे में बताया।
स्कूल के प्रबंधक लेखराज सिंह कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में कानून के प्रति सम्मान और जागरूकता बढ़ाते हैं। इससे बच्चों में आत्मविश्वास भी विकसित होता है और वे आपात स्थितियों में सही निर्णय लेने के लिए तैयार होते हैं। कार्यक्रम छात्रों और पुलिस के बीच विश्वास का सेतु बनाना है। जिससे युवा पीढ़ी कानून व्यवस्था को समझे और जिम्मेदार नागरिक बने। इस मौके पर छात्रों ने सवाल पूछे। एसीपी ने सभी सभी सवालों के जवाब दिए। इस मौके पर स्कूल के निदेशक सुनील कुमार, स्कूल कॉर्डिनेटर पूजा खंडेलवाल, शिक्षक सुखविंदर सिंह मौजूद रहे।
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