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Celebrations held for Seema Sangwan Kaliraman's victory in the discus throw event at the Commonwealth Games.
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भिवानी राष्ट्रमंडल खेलों में डिस्कस थ्रो स्पर्धा में सीमा सांगवान कलीरामण की जीत पर मना जश्न
भिवानी। चरखी दादरी जिले के गांव चरखी की बेटी और भिवानी जिले के गांव दिनोद की बहू सीमा सांगवान कलीरामण ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 की महिला डिस्कस थ्रो स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया। इस स्पर्धा में जमैका की सामंथा हॉल ने 61.66 मीटर के साथ स्वर्ण पदक तथा कनाडा की जूलिया टंक्स ने 60.67 मीटर के साथ रजत पदक जीता। सीमा ने अपने तीसरे प्रयास में 58.65 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर कांस्य पदक हासिल किया। उनकी जीत पर उनके परिजनों ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे युवाओं के लिए प्रेरणादायक बताया है।
सीमा सांगवान कलीरामण की इस उपलब्धि से चरखी दादरी के गांव चरखी और भिवानी के गांव दिनोद में खुशी का माहौल है। हरियाणा के खेल प्रेमियों ने उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। वही सीमा के ससुराल में आज उनके घर लड्डू बांटकर खुशी मनाई। ग्रामीणों ने उनके घर पहुंचकर बधाई दी। इस बारे में सीमा के ससुर भूप सिंह, जेठानी शारदा व ग्रामीण सोमबीर व सुभाष ने बताया कि सीमा की कड़ी मेहनत है, जिसके बूते पर उसने ना केवल उनके गांव, जिले, राज्य, बल्कि पूरे देश का नाम रोशन किया है। कॉमनवेल्थ खेलों में इस मैडल से उनके गांव तथा देश के युवा बच्चों को प्रेरणा मिलेगी कि खेल के क्षेत्र में मेहनत करके कैसे आगे बढ़ा जा सकता है। उन्होंने सीमा को ग्रामीण बच्चों के लिए एक प्रेरणा स्त्रोत भी बताया। सीमा का विवाह वर्ष 2019 में वहीं गलास्को से सीमा व उनके पति व कोच रविंद्र ने बताया कि इस प्रतिस्पर्धा के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की थी। जिसके बूते पर यह मुकाम मिला है। अब उनका अगला कदम एशिया कप में मैडल लाना है। हालांकि उन्होंने अपना अंतिम ध्येय ओलंपिक में मेडल जीतना बताया। गौरतलब है कि सीमा की शादी 2019 में रविंद्र से हुई थी। जिन्होंने ना केवल पढ़ाई को आगे जारी रखा, बल्कि उनके खेल को भी जारी रखते हुए उनके कोच की भूमिका निभाई। वे इन दिनों चौ. बंसीलाल विश्वविद्यालय से शारीरिक शिक्षा विभाग से पीएचडी कर रही है। उन्होंने कोरोना काल के दौरान तथा भी अपनी प्रेक्टिस एक भी दिन नहीं छोड़ी तथा मातृत्व के बाद भी उनका अपना खेल जारी रखा, जो महिला सशक्तिकरण को दर्शाता है।
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