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Ratia police intercepted and detained contingent of 'Bharatiya Kisan Union Kheti Bachao' while they were marching towards Khanauri
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खनौरी की ओर बढ़ रहे 'भारतीय किसान यूनियन खेती बचाओ' के जत्थे को रतिया पुलिस ने रास्ते में ही रोककर किया डिटेन
16 अगस्त को खनौरी बॉर्डर से दिल्ली के जंतर-मंतर तक प्रस्तावित पैदल यात्रा में शामिल होने के लिए रतिया से भारतीय किसान यूनियन (खेती बचाओ) के किसानों को पुलिस प्रशासन ने रास्ते में रोक लिया। अजीत सर गुरुद्वारे से कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष राजविंद्र सिंह चहल की अगुवाई में रविवार को जैसे ही किसानों का जत्था फतेहाबाद रोड पर आगे बढ़ा, उन्हें डिटेन कर शहर थाने ले जाया गया।
किसान यूनियन के प्रवक्ता राम जाट ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन (खेती बचाओ) के सदस्य आज दातासिंह वाला गांव पहुंचकर 51 पदयात्रियों के साथ शुभकरण सिंह के शहीदी स्थल से मिट्टी लेकर पैदल यात्रा की शुरुआत करने वाले थे। यह यात्रा दिल्ली में उनकी मांगों को समर्थन देने के उद्देश्य से निकाली जा रही थी। किसानों की योजना खनौरी बॉर्डर तक पैदल यात्रा करने और वहां से दिल्ली रवाना होने की थी।
किसानों ने प्रशासन पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
किसानों का आरोप है कि भाजपा सरकार के दबाव में पुलिस प्रशासन ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने चेतावनी दी है कि वे हर कीमत पर खनौरी बॉर्डर पहुंचकर किसानों को समर्थन देंगे और उनकी यूनियन के पांच सदस्य जत्थे के साथ दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
किसान नेताओं ने की निंदा, बातचीत की मांग
खनौरी बॉर्डर जा रहे किसानों को पुलिस प्रशासन द्वारा रोके जाने और हिरासत में लिए जाने की भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहाँ जिला प्रधान निर्भय रतिया ने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को किसान संगठनों के शांतिपूर्ण कार्यक्रमों को बाधित करने के बजाय किसानों के प्रतिनिधियों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी मांगों का लोकतांत्रिक तरीके से समाधान निकालना चाहिए।
यह घटना किसानों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रशासन द्वारा अपनाए जा रहे रुख को उजागर करती है, जहां शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को भी रोकने का प्रयास किया जा रहा है। किसानों की मांगें, जिनमें भारत-अमेरिका ट्रेड डील रद्द करना भी शामिल है, लंबे समय से चर्चा का विषय बनी हुई हैं। प्रशासन का यह कदम किसानों के बीच असंतोष को और बढ़ा सकता है।
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