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हिसार एचएयू ने किसानों को सरसों की बुआई के लिए बीज उपचार के बारे में दी सलाह
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. राजबीर सिंह ने कहा कि सरसों की बिजाई के लिए समय शुरु हो गया है। उन्होंने कहा कि तना गला रोग पर रोकथाम के लिए किसान बीजोपचार जरूर करें। अगर बीजोपचार नहीं किया जाता तो उसमें रोग के आशंका हो सकती है। बीज उपचार से बीज से फैलने वाले तना गलन, पत्ती धब्बा रोग को रोका जा सकता है। यह बीजों के अंकुरण को बेहतर बनाता है।
किसान कार्बेन्डाजिम + थीरम: प्रति किलो बीज पर 2 ग्राम कार्बेन्डाजिम और 2 ग्राम थीरम का प्रयोग कर बीजोपचार कर सकते हैं। बीजों को दवा के साथ अच्छी तरह से मिलाएं ताकि दवा समान रूप से बीज पर लग जाए। उपचारित बीजों को बुवाई से पहले सीधे खेत में बोएं। बीज उपचार फसल की बुवाई से करीब 24 घंटे पहले किया जाना चाहिए।
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