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Farmers of Karsola village in Jind did not receive the incentive amount. They reached the tehsil office and submitted a memorandum to the Naib Tehsildar
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जींद के करसोला गांव के किसानों को नहीं मिली प्रोत्साहन राशि तहसील कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
क्षेत्र के करसोला गांव के किसानों को धान के अवशेष जलाने की बजाय सीधी बिजाई करने पर सरकार द्वारा दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि अब तक नहीं मिल पाई है। इसको लेकर गांव के किसानों में सरकार व प्रशासन के प्रति भारी रोष व्याप्त है। किसानों का कहना है कि उन्होंने सरकार की योजना का पालन करते हुए पराली नहीं जलाई, इसके बावजूद उन्हें आर्थिक लाभ से वंचित रखा गया है।
किसानों ने बताया कि करसोला गांव के कुल 262 किसानों ने सरकार द्वारा चलाई गई सीधी बिजाई योजना के तहत ऑनलाइन पंजीकरण करवाया था, लेकिन पंजीकरण के बाद अब तक किसी भी प्रकार की आगे की कार्रवाई नहीं की गई।
किसानों का आरोप है कि पंचायत विभाग के ग्राम सचिव की लापरवाही के चलते यह पूरा मामला अटका हुआ है। किसानों ने कहा कि पंजीकरण के बाद वेरिफिकेशन की जिम्मेदारी ग्राम सचिव की थी, लेकिन उन्होंने समय रहते सत्यापन नहीं किया। किसानों ने यह भी बताया कि अब योजना से संबंधित पोर्टल बंद हो चुका है, जिसके कारण उनका वेरिफिकेशन भी नहीं हो पा रहा है। इससे किसानों की समस्या और अधिक बढ़ गई है।
किसानों का कहना है कि उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए सरकार की अपील पर पराली न जलाने का निर्णय लिया, लेकिन अब प्रोत्साहन राशि न मिलने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने मांग की है कि उन्हें प्रति एकड़ 1200 रुपये के हिसाब से मिलने वाली प्रोत्साहन राशि जल्द से जल्द जारी की जाए।
किसानों का कहना है कि यदि समय रहते उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इसी मांग को लेकर करसोला गांव के किसान तहसील कार्यालय पहुंचे और नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने ज्ञापन के माध्यम से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। नायब तहसीलदार ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी शिकायत को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और जल्द ही समाधान का प्रयास किया जाएगा।
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