Hindi News
›
Video
›
Haryana
›
Jind News
›
Jind: Sant Shiromani Kabir Das Prakash Parv celebrated at the hostel and library building.
{"_id":"6a4399b66f13e9b0ff0154b5","slug":"video-jind-sant-shiromani-kabir-das-prakash-parv-celebrated-at-the-hostel-and-library-building-2026-06-30","type":"video","status":"publish","title_hn":"जींद- छात्रावास एवं लाइब्रेरी भवन में मनाया संत शिरोमणि कबीरदास प्रकाश पर्व","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जींद- छात्रावास एवं लाइब्रेरी भवन में मनाया संत शिरोमणि कबीरदास प्रकाश पर्व
--छात्रावास एवं लाइब्रेरी भवन में मनाया संत शिरोमणि कबीरदास प्रकाश पर्व
संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। संत कबीर छात्रावास एवं लाइब्रेरी भवन में संत शिरोमणि कबीरदास का 629 वां प्रकाश पर्व मनाया। मुख्यातिथि राज्यसभा सांसद कर्मवीर सिंह बौद्ध और सांसद सतपाल ब्रह्मचारी जबकि विशिष्ठ अतिथि पूर्व सांसद डॉ. सुशील इंदौरा, कृष्ण कुटेल, एचपीएससी पूर्व सदस्य जयभगवान गोयल, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ऋषिपाल हैबतपुर ने शिरकत की।
मुख्य अतिथि कर्मवीर सिंह बौद्ध ने कहा कि कबीर साहेब का संदेश संपूर्ण मानव जाति के उत्थान के लिए है। उन्होंने समता, समानता,और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने अपने दोहों से समाज में फैली कुरीतियों के अलावा अंधविश्वास और आडंबरों से दूर रहने का संदेश दिया। उनके संदेशों में ईमानदारी और सच्चाई के साथ जीवन जीने की प्रेरणा और सीख मिलती है। उन्होंने समाज में फैली कुप्रथाओं का जोरदार विरोध किया। समाज के उत्थान का संदेश दिया। उनके उपदेशों को किसी समुदाय विशेष तक सीमित रखना उनके प्रति अन्याय होगा। सभी धर्मों और समाजों में कबीर के दोहे, साखियां से प्रेरणा लेकर उनके अनुरूप अपने जीवन को ढालने की सोच कायम करते हैं। कबीर साहेब ने कपड़ा बुनकर अपने परिवार का भरण-पौषण किया। सांसद सतपाल सिंह ब्रह्मचारी ने कहा कि कबीर के दोहों में सरल शब्दों का प्रयोग है, उनमें मानव कल्याण का गहरा संदेश भी छिपा है। भक्ति काल के महान समाज सुधारक और कवि थे। उन्होंने धर्म, जाति, वर्ग के बंधंनों से ऊपर उठकर मानवता का संदेश दिया। अंत में मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान भंडारे में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर वरिष्ठ सदस्य रोशन लाल दुग्गल, अनिल धानक, बलकार भुक्कल, नरेंद्र बागड़ी, ऋषिराज, कर्ण पांचाल, धर्मपाल सिंहमार, महावीर दहिया, सुरेंद्र फौजी, शमशेर सारंग ढाठरथ, रत्न लाल बड़गुर्जर, कमल चौहान, कर्मबीर सैनी, सुंदर नागर, कर्म सिंह इंदौरा, ओम नारायण पटवारी, सत्यनारायण खनगवाल, रमेश, सतीश खटक और प्रवीण दुग्गल मौजूद रहे।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।