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Mahendragarh/Narnaul News
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Employee organizations announce protests over various demands, including the issue of privatization, and call on the government for a speedy resolution.
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नारनौल: निजीकरण सहित विभिन्न मांगों को लेकर कर्मचारी संगठनों ने किया ऐलान, सरकार से जल्द समाधान की मांग
नारनौल। हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने राज्य सरकार की निजीकरण संबंधी नीतियों और कर्मचारियों की लंबित मांगों की अनदेखी के विरोध में 11, 12 और 13 अगस्त को प्रदेशव्यापी तीन दिवसीय पूर्ण हड़ताल का ऐलान किया है। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि यदि इससे पहले सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो इसे अनिश्चितकालीन हड़ताल का अग्रिम नोटिस माना जाएगा।
संघर्ष मोर्चा ने अपनी मांगों को रोष मार्च भी निकाला इसके बाद एसडीएम अनिरुद्ध यादव को ज्ञापन सौंपा गया। संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार लगातार बिजली क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा दे रही है, जबकि कर्मचारियों और अभियंताओं की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। इससे कर्मचारियों में व्यापक असंतोष है। संगठन का कहना है कि यदि समय रहते मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार नहीं किया गया तो बिजली क्षेत्र में उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रकार की औद्योगिक अशांति की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
मोर्चा ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि सरकार कृषि डिस्कॉम (एग्री डिस्कॉम) के गठन से संबंधित कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी करती है तो वर्तमान पत्र को ही अनिश्चितकालीन हड़ताल का अग्रिम नोटिस माना जाएगा। संगठन ने सरकार से बिजली उपभोक्ताओं के हितों, निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा हजारों कर्मचारियों और अभियंताओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की है।
मांगपत्र में निजीकरण की प्रक्रिया रोकने, कर्मचारियों की पदोन्नति, वरिष्ठता, एसीपी, विभिन्न कैडरों के पुनर्गठन, सेवा संबंधी विसंगतियों के समाधान तथा अन्य लंबित प्रशासनिक मांगों को प्राथमिकता से पूरा करने की मांग की गई है। संघर्ष मोर्चा ने कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस मौके पर हरियाणा पावर एसोसिएशन, एएचपीसी वर्कर्ज यूनियन, एचएसईबी वर्कर्ज यूनियन और एचपीसी एससी/एसटी एंव बीसी कर्मचारी यूनियन के सदस्य मौजूद रहे।
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