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नारनौल: श्रीराम कथा के पहले दिन जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने शिव विवाह का किया गुणगान
आर्यवर्त सेवा न्यास के संस्थापक विनीत पिलानिया द्वारा जोरासी में आयोजित 151 कुंडीय सहस्त्र चंडी महायज्ञ एवं श्रीराम कथा का शनिवार को आगाज हो गया। सबसे पहले मंच पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष धर्म सम्राट महंत ज्ञान दास महाराज हनुमानगढ़ी, अयोध्या ने दीप प्रज्वलित किया। जिसके बाद जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने श्रीराम कथा की शुरुआत की।
श्रीराम कथा के पहले दिन जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य शिव विवाह का गुणगान किया। वहीं पंडाल में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने श्री राम कथा का आनंद उठाया। इस दौरान कथा सुनकर श्रद्धालु गण भाव विभोर नजर आए। मंच पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष धर्म सम्राट महंत ज्ञान दास महाराज हनुमानगढ़ी अयोध्या, जगद्गुरु द्वारा आचार्य नाभा पीठाधीश्वर सुतीक्ष्ण दास महाराज सुदामा कुटी वृंदावन, संकट मोचन सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र संजय दास महाराज, निर्वाणी अखाड़ा के महंत महंत मुरलीदास महाराज एवं एनी के महामंत्री सत्यदेव दास, नंद रामदास महाराज, सार्वभौम रामानंदाचार्य प्रतिष्ठित तुलसी पीठ आदिश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज, पश्चिम पीठाधीश्वर शेष मठ सिंगडा कौशलेंद्र मठ पीठाधीश्वर जगतगुरु रामानंदाचार्य स्वामी वैदेही वल्लभ देवाचार्य महाराज, जौधपुर एवं तीनों अनी अखाड़ा के पूर्व प्रधानमंत्री महंत माधव दास महाराज, पंजाब से महामंडलेश्वर रामदास महाराज, महंत सिद्धार्थ दास महाराज, अहमदाबाद, बलदेव दास महाराज, स्वामी सदानंद महाराज वृंदावन, महर्षि पाणिनि विश्वविद्यालय उज्जैन के कुलपति शिव शंकर मिश्र एवं प्रोफ़ेसर दिनेश कुमार गर्ग, प्रोफ़ेसर रामनारायण दिवेदी, महामंत्री काशी विद्वत परिसर, प्रोफ़ेसर दिनेश कुमार पांडे, कुलपति श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली मौजूद रहे। कथा के पहले दिन हरियाणा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंडित मोहनलाल बडोली भी पहुंचे। मोहनलाल बडोली ने कथा सुनकर कहा कि इस तरह का भव्य आयोजन सनातन को मजबूती प्रदान करता है। मोहनलाल बडोली ने कहा कि सनातन में ही हमारी संस्कृति निवास करती है।
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