{"_id":"68ba9be0ed8e3e36530586d3","slug":"video-the-raw-embankment-near-jhordnali-in-sirsa-broke-2000-acres-of-land-submerged-2025-09-05","type":"video","status":"publish","title_hn":"सिरसा में झोरड़नाली के पास कच्चा तटबंध टूटा, 2000 एकड़ भूमि जलमग्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिरसा में झोरड़नाली के पास कच्चा तटबंध टूटा, 2000 एकड़ भूमि जलमग्न
सिरसा के गांव झोरड़नाली में वीरवार रात साढ़े 11 बजे के बाद कच्चे तटबंध में दरार आ गई। दरार बारिश के कारण एक सफेदा का पेड़ गिरने से पैदा हुई और देखते ही देखते रिसाव तेजी से होने लगा। 45 मिनट तक ग्रामीणों ने रात के अंधेरे में कटाव का पाटने का प्रयास किया , लेकिन वह स्थिति को संभालने में नाकामयाब रहे।
ऐसे में किसान वापस अपने घरों को लौट आए और सुबह होने का इंतजार करते रहे। सुबह 11 बजे तक कटाव बढ़कर 150 फीट के करीब पहुंच गया। ग्रामीणों व प्रशासन द्वारा तक तक पाटने के कोई प्रयास नहीं किए गए और निरंतर कटाव बढ़ता गया। मौजूदा समय में 200 फीट तक कटाव हो गया है। जिससे तेजी से पानी खेतों में भर रहा है और 2000 एकड़ धान व अन्य फसल जलमग्न हो गई है।
वहीं, सुबह के समय नौकरी व दिहाड़ी पर जाने वाले झोरड़नाली के लोग तीन से चार फीट पानी में से गुजरकर काम पर जाते नजर आए। हालांकि उसके बाद पुलिस प्रशासन ने दोनों ओर से लोगों का आवागमन बंद कर दिया, ताकि जलभराव के दौरान कोई हादसा न हो। जहां कटाव से एक ओर पानी का बह रहा था, उसके बावजूद घग्गर के जलस्तर में कोई गिरावट नहीं आई। जलस्तर निरंतर बढ़ रहा है और दो दिनों में दो से ढाई फीट तक जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में गांव खैरेकां, बनसुधार, मल्लेवाला , बुडाभाणा आदि के खेतों में कच्चे तटबंध कभी भी टूट सकते है और 10 हजार एकड़ से ज्यादा फसल जलमग्न हो सकती है।
प्रशासन पक्के तटबंधों को मजबूत करने में जुटा
प्रशासन लगातार घग्गर में बढ़ रहे जलस्तर को देखते हुए पक्के तटबंधों को मजूबत करने में लगा हुआ है। ग्रामीणों के साथ साथ बड़े स्तर पर मनरेगा के तहत कर्मचारी काम पर लगे हुए है। घग्गर के दौरान ओर बने पक्के बांधों पर जेसेबी, पोकलेन, ट्रेक्टर ट्राली व बड़ी संख्या में मनरेगा के तहत महिला व पुरुष प्लास्टिक के कट्टे भरते हुए नजर आए। कट्टो को भरने के साथ साथ 50- 50 बैग को एक साथ बांधा जा रहा था ताकि आपदा के समय आसानी से दीवार बनाई जा सके।
बकरियावाली में ओवर फ्लो चल रही है ड्रेन
बकरियांवाली गांव में शेरावाली माइनर भी ओवर फ्लो चल रही है। किसानों के अनुसार कभी भी ड्रेन टूट सकती है और प्रशासन की ओर से कोई प्रबंधन नहीं किए गए है। इसके टूटने से हजारों एकड़ नरमे व धान आदि की फसले जलमग्न हो जाएगी। प्रशासन से किसान मांग कर रहे है कि ड्रेन में जलस्तर को कम किया जाए।
गांव खैरेकां में ग्रामीण लगे फसल बचाने
गांव खैरेकां के पास कच्चे बांध को मजबूत कर ग्रामीण फसलों को बचाने में लगे हुए है। लेकिन वीरवार को हुई बारिश बांध की जमीन कमजोर हो गई है। वहीं, लगातार जल स्तर बढ़ रहा है। किसानों की माने तो वह अपने स्तर पर प्रयास कर रहे है। यदि जलस्तर घटता है तो कुछ बचाव हो सकता है अन्यथा फसल का डूबना तय है। कुछ ऐसे ही हालात गांव मल्लेवाला में है, जहां पर लगातार पानी बढ़ रहा है। 1 फीट से छह इंच तक पानी कच्चे तटबंधों से नीचे है। ऐसे में किसानों के प्रयास भी निरंतर जारी है। प्रशासन ने अब मजबूत तटबंधों पर फोक्स कर दिया है।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।