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Government Yields After Farmers' Protest in Gohana, Sonipat; Crop Procurement to Now Continue 24 Hours a Day
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सोनीपत के गोहाना में किसानों के विरोध के बाद सरकार झुकी, अब 24 घंटे होगी फसल खरीद
पूर्व मंत्री जगबीर मलिक और बरोदा विधायक इन्दुराज नरवाल के नेतृत्व में क्षेत्र के सैकड़ों किसानों व ग्रामीणों ने किसानों पर लगाए गए नए नियमों के विरोध में सिंचाई विभाग रेस्ट हाउस से मिनी सचिवालय तक रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम ज्ञापन एसडीएम गोहाना को सौंपा गया।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने सरकार के फैसलों को किसान विरोधी बताते हुए जमकर नारेबाजी की। नेताओं ने कहा कि किसानों पर जबरन ऐसे नियम थोपे जा रहे हैं जो व्यवहारिक नहीं हैं और इससे किसानों को परेशानी हो रही है।
प्रदर्शन के दबाव के बाद सरकार को फैसला बदलना पड़ा और अब मंडियों में 24 घंटे फसल खरीद सुनिश्चित करने का निर्णय लिया गया। किसानों ने इसे अपनी पहली जीत बताते हुए कहा कि जब तक सभी किसान विरोधी नियम वापस नहीं लिए जाते, संघर्ष जारी रहेगा।
मिनी सचिवालय पहुंचने पर एसडीएम मौके पर मौजूद नहीं मिलीं। इस पर विधायक इन्दुराज नरवाल किसानों के साथ वहीं धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटे बाद एसडीएम पहुंचीं और किसानों से ज्ञापन लिया।
किसानों ने कहा कि सरकार ने हाल ही में मंडियों में फसल बिक्री को लेकर कई नए नियम लागू किए हैं। इनमें बायोमेट्रिक अनिवार्यता, मेरी फसल मेरा ब्यौरा का रिकॉर्ड, ट्रैक्टर-ट्रॉली पर नंबर प्लेट और निर्धारित समय सीमा जैसी शर्तें शामिल हैं। इन नियमों से खासकर छोटे और सीमांत किसानों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
कई किसान ऐसे हैं जो किराए के ट्रैक्टर-ट्रॉली का इस्तेमाल करते हैं। उनके लिए इन नियमों का पालन करना मुश्किल हो रहा है। इससे किसानों का समय और पैसा दोनों खराब हो रहा है।
किसानों ने यह भी बताया कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अभी भी बड़ी संख्या में किसान अपनी रबी फसल का पंजीकरण नहीं करवा पाए हैं। बिना रजिस्ट्रेशन के किसानों को मंडियों में गेहूं बेचने में दिक्कत आ रही है।
ज्ञापन में मांग की गई कि रबी फसल पंजीकरण के लिए पोर्टल को तुरंत दोबारा खोला जाए और किसानों पर लगाए गए जटिल नियमों को वापस लिया जाए। किसानों के अनुसार मंडी की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाना जरूरी है ताकि उन्हें अनावश्यक परेशानी न हो।
नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो किसानों का विरोध और तेज होगा। उन्होंने कहा कि सभी किसान विरोधी नियम वापस करवाने तक संघर्ष जारी रहेगा।
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