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Kangra: 7.4 तीव्रता के काल्पनिक भूकंप से दहला ज्वालामुखी शक्तिपीठ, मॉक ड्रिल में परखी गई आपदा तैयारियां
Ankesh Dogra
Updated Mon, 15 Jun 2026 02:19 PM IST
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विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में सोमवार को प्रशासन की ओर से 7.4 तीव्रता के काल्पनिक भूकंप पर आधारित व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। अभ्यास के दौरान मंदिर परिसर में अचानक सायरन बजते ही भूकंप आने की सूचना प्रसारित की गई, जिससे श्रद्धालुओं में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने का दृश्य तैयार किया गया। इसके बाद विभिन्न विभागों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान चलाकर आपदा से निपटने की अपनी तैयारियों का प्रदर्शन किया। मॉक ड्रिल के तहत दर्शाया गया कि शक्तिपीठ में अचानक आए भीषण भूकंप के बाद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए। प्रशासन ने लोगों को घबराने के बजाय सुरक्षित स्थानों पर रुकने और निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करने का संदेश दिया।
अभ्यास के दौरान 41 लोगों के घायल होने का परिदृश्य तैयार किया गया, जिनमें 16 को गंभीर रूप से घायल दिखाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर घायलों को तत्काल अस्पताल भेजने की प्रक्रिया का भी सफलतापूर्वक अभ्यास किया गया। मंदिर परिसर में अस्थायी मेडिकल कैंप स्थापित कर चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई थी। इस दौरान पुलिस विभाग, अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर परिषद, एस एस बी सपड़ी के जवान, मंदिर प्रशासन, राजस्व विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों ने समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। सभी विभागों ने आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई और राहत कार्यों की क्षमता का प्रदर्शन किया। कार्यवाहक कार्यकारी अधिकारी एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारी अंशु चंदेल ने बताया कि यह मॉक ड्रिल सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान सुरक्षित रहने, स्वयं की रक्षा करने और दूसरों की मदद करने के प्रति जागरूक करना था। मॉक ड्रिल में ज्वालामुखी क्षेत्र के स्कूली बच्चों ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया। विद्यार्थियों को सुरक्षित निकासी, प्राथमिक उपचार, घायलों को स्ट्रेचर के माध्यम से बाहर निकालने तथा आपदा के समय संयम बनाए रखने का प्रशिक्षण दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अभ्यासों का उद्देश्य केवल प्रशासनिक तैयारियों को परखना ही नहीं, बल्कि आम नागरिकों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता बढ़ाना भी है, ताकि भविष्य में किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में जनहानि को न्यूनतम किया जा सके। प्रशासन का संदेश स्पष्ट रहा कि आपदा के समय घबराने के बजाय सतर्कता, संयम और सही जानकारी ही सबसे बड़ा बचाव है। इस मौके पर मंदिर अधिकारी अजय मंडयाल, नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी संदीप पटियाल, डीएस पी आर पी जसवाल व अन्य कई अधिकारी मौजूद रहे।
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