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Kangra: सोमवती अमावस्या पर ज्वालामुखी में आस्था का सैलाब, श्रद्धालुओं ने मांगी पितृ दोष मुक्ति और सुख-समृद्धि
Ankesh Dogra
Updated Mon, 15 Jun 2026 02:45 PM IST
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सोमवती अमावस्या के पावन अवसर पर विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री ज्वालामुखी मंदिर में आस्था का एक अनूठा संगम देखने को मिला। भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां ज्वाला के दर्शन कर सुख-समृद्धि और विशेष रूप से पितृ दोष से मुक्ति के लिए आशीर्वाद मांगा। इस शुभ अवसर पर मंदिर के पुजारियों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई और मां ज्वाला को भोग अर्पित करने के उपरांत श्रद्धालुओं में खीर का प्रसाद वितरित किया गया। पुजारी सभा के प्रधान एवं मंदिर न्यास सदस्य, अविनेंद्र शर्मा ने बताया कि सोमवती अमावस्या का सनातन धर्म में विशेष महत्व है। इसे एक अत्यंत दुर्लभ संयोग माना जाता है, जिसके दौरान किए गए स्नान, दान और पूजा-पाठ का कई गुना पुण्य फल प्राप्त होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत काल में भी सोमवती अमावस्या का ऐसा संयोग बहुत कम देखने को मिला था। इस दिन श्रद्धालु विशेष रूप से अपने पितरों की शांति और पितृ दोष से मुक्ति के लिए पूजा-अर्चना करते हैं। गंगा एवं अन्य पवित्र तीर्थों में स्नान, दान-पुण्य और देवी-देवताओं की आराधना का भी विशेष महत्व है। मां ज्वाला के दरबार में भी भक्तों ने अपने परिवार की सुख-समृद्धि और पितरों के आशीर्वाद की कामना की। अविनेदर शर्मा ने यह भी बताया कि सोमवती अमावस्या के उपलक्ष्य में मां ज्वाला को विशेष रूप से खीर का भोग लगाया गया, जिसके बाद श्रद्धालुओं में इसका प्रसाद के रूप में वितरण किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर मां ज्वाला का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही, जिन्होंने मां ज्वाला के दर्शन कर देश और प्रदेश की सुख-शांति तथा अपने परिवारों की खुशहाली की कामना की। सोमवती अमावस्या के इस पावन पर्व के अवसर पर मंदिर में एक अत्यंत धार्मिक और भक्तिमय वातावरण व्याप्त था।
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