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Kangra: ज्वालामुखी में श्रावण अष्टमी मेले शुरू, सुबह पांच बजे खुले मंदिर के कपाट
Ankesh Dogra
Updated Thu, 13 Aug 2026 10:23 AM IST
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हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध शक्तिपीठ ज्वालामुखी मंदिर में श्रावण अष्टमी मेलों का गुरुवार को शुभारंभ हो गया। सुबह पांच बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। विधिवत पूजा-अर्चना और विशेष भोग प्रसाद अर्पित करने के बाद मेले का आगाज हुआ। मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया है।
पहले दिन सुबह श्रद्धालुओं की भीड़ अपेक्षाकृत कम रही। स्थानीय लोगों के साथ बाहरी राज्यों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां ज्वाला की पवित्र ज्योतियों के दर्शन किए। मंदिर प्रशासन ने दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की कतार व्यवस्था की है।
श्रावण अष्टमी मेलों को देखते हुए ज्वालामुखी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। करीब 50 अतिरिक्त होमगार्ड जवानों के साथ अतिरिक्त पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। सफाई और अन्य व्यवस्थाओं के लिए करीब 80 अतिरिक्त कर्मचारी लगाए गए हैं।
धारा 144 लागू होने के चलते मंदिर क्षेत्र में हथियार और ज्वलनशील वस्तुएं ले जाने पर रोक है। नवरात्र के दौरान मंदिर के अंदर नारियल और ढोल-नगाड़े ले जाने की भी अनुमति नहीं होगी।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में विशेष मेडिकल कैंप लगाया गया है। लंगर व्यवस्था भी सुचारू रूप से चलाई जा रही है। प्रशासन और मंदिर न्यास की ओर से भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए व्यवस्थाएं की गई हैं।
पुजारी एवं न्यास सदस्य अविनेद्र शर्मा ने बताया कि पहले मेले में स्थानीय लोगों के साथ बाहरी श्रद्धालु भी मां ज्वाला के दर्शनों के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि मंदिर के कपाट सुबह पांच बजे खोल दिए गए थे और श्रद्धालुओं को पंक्तिबद्ध तरीके से दर्शन करवाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि श्रावण अष्टमी नवरात्र का विशेष धार्मिक महत्व है। सावन माह भगवान शिव और नवरात्र माता सती की आराधना से जुड़े हैं। ऐसे में शिव-पार्वती के संगम के कारण श्रावण नवरात्र को विशेष माना जाता है। इन दिनों श्रद्धालु माता की चौकी, लंगर और अन्य धार्मिक आयोजन करते हैं।
पहले दिन श्रद्धालुओं की आमद कम रही, लेकिन आने वाले दिनों में भीड़ बढ़ने की उम्मीद है।
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