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Mandi: मनरेगा श्रमिक संगठन की बैठक में नीतियों और स्मार्ट मीटर पर चर्चा
मंडी जिले की ग्राम पंचायत थाटा में मंगलवार को मनरेगा श्रमिक संगठन की बैठक आयोजित हुई, जिसमें मनरेगा, स्मार्ट मीटर योजना और कृषि से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में हिमाचल किसान सभा राज्य कमेटी सदस्य महेंद्र सिंह राणा विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने श्रमिकों व किसानों को मौजूदा नीतियों के प्रभावों के बारे में जानकारी दी। बैठक के दौरान वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियां किसान और मजदूर विरोधी हैं और मनरेगा की व्यवस्था में बदलाव कर इसे कथित रूप से नए स्वरूप में लागू करने की तैयारी की जा रही है। उनका कहना था कि मनरेगा मांग आधारित कानून रहा है, जबकि प्रस्तावित बदलाव इसे आपूर्ति आधारित बनाने की दिशा में ले जा सकते हैं, जिससे ग्रामीण आजीविका प्रभावित हो सकती है। साथ ही उन्होंने वित्तीय हिस्सेदारी में राज्य और केंद्र के अनुपात को लेकर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हिमाचल प्रदेश के लिए ऐसी व्यवस्था व्यावहारिक नहीं होगी। बैठक में केंद्र सरकार द्वारा अमेरिका, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया के साथ किए जा रहे द्विपक्षीय समझौतों की आलोचना भी की गई। वक्ताओं का कहना था कि कम टैरिफ पर आयातित उत्पादों के कारण प्रदेश की पहले से संकटग्रस्त सेब, नाशपाती और कीवी जैसी बागवानी फसलों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। उन्होंने इन समझौतों पर पुनर्विचार करने की मांग की। इसके अतिरिक्त हिमाचल सरकार से स्मार्ट मीटर योजना को रद्द करने की अपील की गई। संगठन के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि इस योजना से आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ सकता है और इससे निजी कंपनियों को लाभ होगा। बैठक में संगठन की 10 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जिसमें इंदर सिंह को प्रधान और ओम प्रकाश को सचिव चुना गया। कमेटी गठन के बाद संबोधन में कहा गया कि वर्तमान परिस्थितियों में श्रमिकों को अपने अधिकारों के लिए संगठित होकर संघर्ष करना होगा और संगठन को मजबूत बनाना आवश्यक है। अंत में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 12 फरवरी को ग्राम पंचायत थाटा से अधिकाधिक मनरेगा कामगार अखिल भारतीय हड़ताल में भाग लेकर बाली चौकी रैली को सफल बनाएंगे।
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