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Mandi: Prof. Anupama Singh stated that closing Kotli College is an injustice to the future of the region's youth
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Mandi: प्रो. अनुपमा सिंह बोलीं- कोटली कॉलेज को बंद करना क्षेत्र के युवाओं के भविष्य के साथ अन्याय
Ankesh Dogra
Updated Fri, 12 Jun 2026 01:08 PM IST
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पूर्व प्रो-वाइस चांसलर एवं शिक्षाविद् प्रो. अनुपमा सिंह ने कोटली कॉलेज को बंद किए जाने के निर्णय पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के हजारों युवाओं की आकांक्षाओं और सपनों पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक शिक्षण संस्थान का बंद होना नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक और शैक्षिक मुद्दा है। प्रो. अनुपमा सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं के लिए स्थानीय स्तर पर उच्च शिक्षा संस्थानों की उपलब्धता अत्यंत आवश्यक है। कोटली कॉलेज ने वर्षों से इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षा का अवसर प्रदान किया है, और इसके बंद होने से अनेक परिवार चिंता में डूब गए हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज के विकास की आधारशिला है, और ऐसे में शिक्षा के अवसरों को समाप्त करना उचित नहीं है। प्रो. अनुपमा सिंह का मानना है कि यदि किसी संस्थान में संसाधनों या विद्यार्थियों की संख्या से संबंधित चुनौतियां हैं, तो उनका समाधान खोजना चाहिए, न कि शिक्षा के अवसरों को ही समाप्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का युवा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और बेहतर रोजगार के अवसरों की अपेक्षा रखता है। सरकार और समाज का यह दायित्व है कि वह युवाओं की इन आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सकारात्मक कदम उठाए। उन्होंने प्रदेश सरकार, जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से आग्रह किया है कि कोटली कॉलेज के भविष्य पर पुनर्विचार किया जाए और ऐसा समाधान निकाला जाए जिससे क्षेत्र के विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित न हो। प्रो. अनुपमा सिंह ने इस बात पर बल दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में लिए जाने वाले निर्णयों में विद्यार्थियों, अभिभावकों और स्थानीय जनता की भावनाओं एवं आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रो. अनुपमा सिंह ने क्षेत्रवासियों से भी शिक्षा के संरक्षण और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए एकजुट होकर रचनात्मक प्रयास करने का आह्वान किया है। उनका मानना है कि सामूहिक प्रयास से ही इस स्थिति का समाधान निकाला जा सकता है और क्षेत्र के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
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