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Rampur Bushahr: रामपुर में किसानों-मजदूरों का चक्का जाम, लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे सैकड़ों कार्यकर्ता
Ankesh Dogra
Updated Mon, 10 Aug 2026 02:11 PM IST
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केंद्र सरकार की नीतियों और लंबित मांगों को लेकर रामपुर बुशहर में किसानों और मजदूरों का गुस्सा सड़क पर उतर आया। किसान सभा, सीटू और अन्य संगठनों से जुड़े सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सोमवार को शहर में रोष रैली निकाली और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चौधरी अड्डे के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर करीब 15 मिनट तक चक्का जाम किया। हालांकि, इस दौरान एंबुलेंस समेत अन्य आपात वाहनों की आवाजाही को बाधित नहीं किया गया।
प्रदर्शन की शुरुआत रामपुर के इंदिरा मार्केट से हुई। यहां से कार्यकर्ता रैली के रूप में राष्ट्रीय राजमार्ग-5 से होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। रास्ते भर प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते रहे। एसडीएम कार्यालय के बाहर सभा का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न वक्ताओं ने किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दे उठाते हुए सरकार की नीतियों पर निशाना साधा।
प्रदर्शनकारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जेल भरो आंदोलन भी शुरू करने की घोषणा की। किसान और मजदूर संगठनों का कहना है कि लंबे समय से उठाई जा रही मांगों पर केंद्र सरकार गंभीरता नहीं दिखा रही है। इसी के विरोध में आंदोलन को तेज किया जा रहा है।
हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिंघा, देवकी नंद और प्रेम चौहान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार ऐसी नीतियां लागू कर रही है, जिनका प्रतिकूल असर किसानों और मजदूरों पर पड़ रहा है।
वक्ताओं ने श्रम कानूनों में किए गए बदलावों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर चार नए श्रम कानून लागू किए गए हैं। उनका दावा है कि इन बदलावों से मजदूरों के अधिकार और सामाजिक सुरक्षा कमजोर होगी।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि किसानों और मजदूरों से जुड़े मुद्दों पर सरकार को तत्काल कदम उठाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि लंबित मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान स्थानीय प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी रही। चक्का जाम के दौरान आपात सेवाओं से जुड़े वाहनों को रास्ता दिया गया।
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