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Sirmaur Agriculture Minister Chander Kumar said that the state government is making efforts for the upliftment of farmers and cattle breeders
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Sirmaur: कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार बोले- प्रदेश सरकार किसानों और पशुपालकों के उत्थान के लिए प्रयासरत
प्रदेश सरकार किसानां, बागवानों तथा पशुपालकों के उत्थान के लिए प्रयासरत है, इसके लिए सरकार द्वारा अनेको कल्याणकारी योजनाएं क्रियान्वित की जा रही है ताकि प्रदेश का किसान आर्थिक रूप से समृद्ध हो सके। यह जानकारी कृषि एवं पशुपालन मंत्री प्रो. चंद्र कुमार ने आज राजगढ़ में कृषि विभाग द्वारा आयोजित एक दिवसीय किसान मेला के दौरान उपस्थित किसान-बागवानों को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार को याद करते हुए कहा कि डॉ. परमार की दूरदर्शी सोच व नीतियों के फलस्वरूप आज हिमाचल विकास की बुलंदियों को छू रहा है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में 90 प्रतिशत लोग कृषि व्यवसाय से जुड़े हैं। वर्तमान प्रदेश सरकार किसानों के उत्पादों को अच्छे दाम दिलाने के लिए भी प्रयासरत है जिसके तहत प्राकृतिक कृषि उत्पाद के दामों का न्यूनतम समर्थन मूल्य देने वाला देश का प्रथम राज्य बना है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं के 60 रुपये, मक्की के 40 रुपये तथा हल्दी के 90 रुपये प्रति किलो समर्थन मूल्य किसानों को देने का निर्णय लिया गया है। इसी प्रकार गाय का दूध 51 रुपये तथा भैंस का दूध 61 रुपये निर्धारित किया गया है जिससे पशुपालकों की आर्थिकी सुदृढ हो रही है। उन्होंने कहा कि पच्छाद विधानसभा क्षेत्र नकदी फसलों टमाटर, अदरक, शिमला मिर्च, मटर तथा लहसुन की खेती के लिए जाना जाता है इसके अतिरिक्त इस क्षेत्र में आडू, सेब तथा कीवी का भी काफी मात्रा में उत्पादन किया जाता है। उन्होंने किसानों से वर्षा संग्रहण तालाब बनाने तथा उस जल का आवश्यकता पड़ने पर उपयोग करने का आह्वान किया ताकि वर्षा जल पर निर्भरता कम की जा सके। उन्होंने किसानों से कहा कि वह पारंपरिक खेती के साथ-साथ नकदी फसलों का भी उत्पादन करें ताकि उनकी आर्थिकी सुदृढ हो सके। उन्हांने कहा कि प्रदेश सरकार जहर मुक्त प्राकृतिक खेती को बढ़ाने के लिए प्रयासरत है, जिसमें गत वित्त वर्ष के दौरान आत्मा परियोजना द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत जिला सिरमौर के लगभग 11 हजार प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों को लगभग 3 करोड़ की राशि अनुदान के रूप में व्यय की गई है।
इसी प्रकार जिला में कृषि विभाग द्वारा किसानों को गत वित्त वर्ष के दौरान 7 करोड़ 64 लाख रुपये की राशि व्यय की जा चुकी है। जिसमें मुख्यमंत्री कृषि उत्पादन संरक्षण योजना के तहत 3 करोड़ 16 लाख रुपये व्यय कर 79 किसानों को लाभान्वित किया गया। कृषि मशीनीकरण उप-योजना के तहत 1 करोड 90 लाख रुपये व्यय कर 119 किसान लाभान्वित किए गए तथा मुख्यमंत्री कृषि संवर्धन योजना के तहत 1 करोड 85 लाख रुपये व्यय कर 14 हजार 295 किसानों को लाभान्वित किया गया। कृषि मंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह गांव में किसानों के खेतां तक जाकर उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देकर प्रशिक्षित करें ताकि किसानों को खेती की आधुनिक तकनीक का बोध हो सके। कृषि मंत्री ने किसान मेला के दौरान कृषि विभाग की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा प्राकृतिक खेती से जुडे प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर, कांग्रेस नेत्री दयाल प्यारी तथा अध्यक्ष आत्मा परियोजना समिति राजगढ इंद्र सिंह कंवर ने अपने विचार रखे। परियोजना निदेशक आत्मा सिरमौर डॉ. साहब सिंह ने कृषि मंत्री का स्वागत किया और कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण द्वारा क्रियान्वित की जा रही योजनाओं की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त उप-निदेशक कृषि विभाग डॉ. राजकुमार ने भी कृषि विभाग से संबंधित जानकारी दी। इस अवसर पर एसडीएम राजगढ राजकुमार ठाकुर, नगर पंचायत राजगढ अध्यक्ष ज्योति साहनी, रणधीर पंवार, अजय कंवर, देवेन्द्र शास्त्री, शंकुतला प्रकाश, उप-निदेशक पशुपालन सिरमौर डॉ. संदीप शर्मा के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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