Hindi News
›
Video
›
Himachal Pradesh
›
Sirmour News
›
Sirmour: Compromise on merit-based teacher recruitment in CBSE schools unacceptable; questions raised about the government's intentions
{"_id":"6a2938d69bec427391043933","slug":"video-sirmour-compromise-on-merit-based-teacher-recruitment-in-cbse-schools-unacceptable-questions-raised-about-the-governments-intentions-2026-06-10","type":"video","status":"publish","title_hn":"Sirmour: सीबीएसई स्कूलों में मेरिट आधारित शिक्षक भर्ती से समझौता स्वीकार नहीं, सरकार की मंशा पर उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirmour: सीबीएसई स्कूलों में मेरिट आधारित शिक्षक भर्ती से समझौता स्वीकार नहीं, सरकार की मंशा पर उठाए सवाल
Ankesh Dogra
Updated Wed, 10 Jun 2026 03:43 PM IST
Link Copied
हिमाचल प्रदेश के सरकारी विद्यालयों को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध करने के फैसले के बाद अब शिक्षक भर्ती को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रदेश के अभिभावकों ने दोटूक कहा है कि इन स्कूलों में मेरिट आधारित भर्ती प्रक्रिया से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।अभिभावक आशीष कुमार ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में हो रही देरी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मेरिट आधारित चयन के स्थान पर अन्य विद्यालयों से स्थानांतरण (टूर-तबादले) के माध्यम से पदों को भरने की चर्चाएं चल रही हैं। सरकार की इस सुगबुगाहट ने सीबीएसई स्कूलों में अपने बच्चों को भेजने वाले अभिभावकों की चिंता को अत्यधिक बढ़ा दिया है। आशीष कुमार ने कहा कि सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले का जनता ने दिल से स्वागत किया था। यही वजह है कि बड़ी संख्या में अभिभावकों ने अपने बच्चों को निजी स्कूलों से निकालकर सरकारी सीबीएसई स्कूलों में दाखिल करवाया। विद्यार्थियों की यह बढ़ती संख्या साबित करती है कि प्रदेश की जनता गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी शिक्षा के लिए सरकार पर भरोसा जता रही है। लेकिन अब भर्ती को लेकर जो स्थितियां बन रही हैं, उससे इस भरोसे को ठेस पहुंच रही है। बयान में भर्ती प्रणाली की विश्वसनीयता पर उंगली उठाते हुए कहा गया कि सीबीएसई सब-कैडर (CBSE Sub-Cadre) भर्ती के लिए प्रदेश के हजारों युवाओं ने आवेदन किया है। इन अभ्यर्थियों ने बाकायदा स्क्रीनिंग टेस्ट दिया और सरकार की पारदर्शी चयन प्रक्रिया पर अटूट विश्वास जताया। यदि अब नियमों को ताक पर रखकर चोर दरवाजे या ट्रांसफर से नियुक्तियां की जाती हैं, तो यह न केवल योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा, बल्कि पूरी चयन प्रणाली को कटघरे में खड़ा कर देगा। अभिभावकों ने प्रदेश सरकार की मंशा पर सीधा हमला बोलते हुए पूछा है, "क्या सरकार अपने चहेतों को पिछले दरवाजे से फायदा पहुँचाने के लिए भर्ती नियमों में बदलाव करने का मन बना रही है?" उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यदि सरकार ऐसा कोई भी कदम उठाती है, तो यह उन हजारों बेरोजगार अभ्यर्थियों और अभिभावकों के साथ बड़ा विश्वासघात होगा जिन्होंने व्यवस्था की पारदर्शिता पर भरोसा किया था।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।