Hindi News
›
Video
›
Himachal Pradesh
›
Una News
›
Una: Under the cm Sukh Ashray Yojana, 294 beneficiary children in Una got assistance of more than Rs 3.11 crore
{"_id":"6853eb189684f41dd5009165","slug":"video-una-under-the-cm-sukh-ashray-yojana-294-beneficiary-children-in-una-got-assistance-of-more-than-rs-311-crore-2025-06-19","type":"video","status":"publish","title_hn":"Una: मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना में ऊना में 294 लाभार्थी बच्चों को 3.11 करोड़ से अधिक की सहायता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Una: मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना में ऊना में 294 लाभार्थी बच्चों को 3.11 करोड़ से अधिक की सहायता
ऊना जिले में मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के तहत 294 लाभार्थी बच्चों को सामाजिक सुरक्षा और स्वावलंबन से संबंधित विभिन्न मदों में 3.11 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है। उपायुक्त जतिन लाल ने गुरुवार को जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि योजना के तहत लाभार्थियों को 31 मार्च 2025 तक सामाजिक सुरक्षा राशि के रूप में 1 करोड़ 30 लाख 43 हजार 909 रुपये प्रदान किए गए हैं। वहीं योजना के तहत जिले में लाभार्थी बच्चों की शिक्षा, कौशल विकास, स्वरोजगार और स्वावलंबन में सहायता के लिए इस साल 31 मई तक 78 मामलों में 1 करोड़ 80 लाख 68 हजार 550 रुपये की धनराशि प्रदान की गई है। इसके अलावा वित्त वर्ष 2024-25 में मिशन वात्सल्य के तहत स्पॉंसर स्कीम और आफ्टर केयर योजना में 173 मामलों में लाभार्थियों को 40.80 लाख रुपये प्रदान किए गए हैं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को विशेष गृह में रह रहे बच्चों की सुरक्षा एवं सुविधा का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए। बैठक में जिले में बाल कल्याण और संरक्षण की दिशा में किए कार्यों की समीक्षा की गई। जतिन लाल ने कहा कि प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के माध्यम से 27 वर्ष की आयु तक अनाथ बच्चों की देखभाल का जिम्मा लिया है। सरकार ने अब योजना का विस्तार करके और भी जरूरतमंद तबकों को इसमें कवर किया है। उपायुक्त ने बताया कि जिले में जनवरी से अप्रैल के 4 महीने की अवधि में चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 और 112 पर कुल 44 मामले प्राप्त हुए, जिन पर तुरंत कार्रवाई की गई। बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनीता शर्मा, सहायक आयुक्त वरिंद्र शर्मा, डीएसपी मुख्यालय अजय ठाकुर, सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष मीनाक्षी राणा, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास परियोजना नरेंद्र कुमार, जिला बाल संरक्षण अधिकारी कमलदीप, बीडीओ केएल वर्मा सहित अन्य सरकारी तथा गैर सरकारी सदस्यों ने बाल संरक्षण और कल्याण के लिए व्यवस्थागत सुधारों को लेकर बहुमूल्य सुझाव दिए।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।