Hindi News
›
Video
›
India News
›
China's increasing dominance in the Indian Ocean, Parliamentary committee warns
{"_id":"689af8860392ab15730e526c","slug":"china-s-increasing-dominance-in-the-indian-ocean-parliamentary-committee-warns-2025-08-12","type":"video","status":"publish","title_hn":"Parliamentary Committee Report: हिंद महासागर में चीन का बढ़ता दबदबा, संसदीय समिति की चेतावनी","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Parliamentary Committee Report: हिंद महासागर में चीन का बढ़ता दबदबा, संसदीय समिति की चेतावनी
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: आदर्श Updated Tue, 12 Aug 2025 01:47 PM IST
भारत की सुरक्षा पर मंडराते समुद्री खतरों को लेकर संसद की विदेश मामलों की स्थायी समिति ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की अध्यक्षता वाली इस समिति ने सोमवार को संसद में पेश अपनी विस्तृत रिपोर्ट में साफ कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में चीन की बढ़ती उपस्थिति और पाकिस्तान के साथ उसका नौसैनिक गठजोड़ भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा, रणनीतिक स्वायत्तता और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन के लिए गंभीर खतरा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, चीन की नौसेना अब अमेरिका से भी आगे निकल चुकी है और वह दुनिया की सबसे बड़ी नौसैनिक ताकत बन गया है। हर साल 15 से अधिक युद्धपोत और पनडुब्बियां उसके बेड़े में शामिल हो रही हैं, जिससे उसकी समुद्री पकड़ तेजी से मजबूत हो रही है।
समिति ने अपनी रिपोर्ट में चीन-पाकिस्तान नौसैनिक गठजोड़ को “समान रूप से खतरनाक” करार दिया है। इसमें कहा गया है कि यह गठजोड़ न केवल दोनों देशों के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यासों को बढ़ावा देता है, बल्कि पाकिस्तान की नौसेना के आधुनिकीकरण में भी तेजी लाता है। यह स्थिति भारतीय नौसेना के लिए अतिरिक्त दबाव और चुनौती पैदा कर सकती है।
समिति का मानना है कि इस पर तत्काल और ठोस प्रतिक्रिया की जरूरत है, क्योंकि यह गठजोड़ हिंद महासागर क्षेत्र में शक्ति संतुलन बदलने और भारत के समुद्री प्रभाव को कम करने की क्षमता रखता है।
विदेश मंत्रालय ने समिति को जानकारी दी है कि हिंद महासागर में भारत के सामने तीन प्रमुख चुनौतियां हैं –
1. भू-राजनीतिक खतरे – क्षेत्र में चीन और अन्य बाहरी शक्तियों की दखलंदाजी।
2. समुद्री सुरक्षा के खतरे – समुद्री डकैती, आतंकवाद, नौवहन और उड़ानों की स्वतंत्रता पर खतरा।
3. बुनियादी ढांचा व संपर्क की कमी – रणनीतिक स्थानों पर पर्याप्त सुविधाओं की कमी।
इसके अलावा बाहरी देशों की बढ़ती उपस्थिति, विशेषकर चीन का तेजी से पैर जमाना, सबसे बड़ी चिंता के रूप में सामने आया है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन हिंद महासागर क्षेत्र में बंदरगाहों, हवाई अड्डों और लॉजिस्टिक्स हब का निर्माण ऐसे तरीके से कर रहा है कि उनका इस्तेमाल नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए हो सके। इसे ‘दोहरा उपयोग’ रणनीति बताया गया है।
चीन अपने अनुसंधान और सर्वेक्षण जहाजों के जरिए समुद्री क्षेत्र का संवेदनशील डेटा इकट्ठा कर रहा है, जिससे उसे भविष्य के संघर्ष या दबाव की स्थिति में बढ़त मिल सकती है। समिति ने चेताया है कि ऐसे सर्वेक्षण जहाज केवल वैज्ञानिक कार्यों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनका इस्तेमाल सामरिक तैयारी के लिए भी किया जाता है।
हिंद महासागर दुनिया की लगभग 40% आबादी का घर है और इसमें 35 तटीय देश शामिल हैं। भारत के पास 7,500 किलोमीटर लंबी तटरेखा है, साथ ही पश्चिम में लक्षद्वीप और पूर्व में अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के बीच 1,300 से अधिक द्वीप हैं।
इतनी लंबी समुद्री सीमा भारत के लिए एक रणनीतिक अवसर भी है, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से यह एक भारी जिम्मेदारी भी बन जाती है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि भारत को इन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, निगरानी प्रणाली और नौसैनिक उपस्थिति को मजबूत करना चाहिए।
समिति की सिफारिशें
• निगरानी और गश्त बढ़ाना – हिंद महासागर में रणनीतिक बिंदुओं पर निगरानी जहाज और एयरक्राफ्ट की तैनाती।
• सहयोगी देशों के साथ साझेदारी – अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ संयुक्त अभ्यास और खुफिया साझाकरण बढ़ाना।
• बुनियादी ढांचे का विकास – द्वीप क्षेत्रों में एयरफील्ड, बंदरगाह और रडार स्टेशन का विस्तार।
• शोध और डेटा सुरक्षा – समुद्री क्षेत्र के संवेदनशील डेटा की रक्षा और नियंत्रण के लिए सख्त नियम।
समिति ने साफ कहा है कि हिंद महासागर में चीन की बढ़ती ताकत को नजरअंदाज करना भारत के लिए गंभीर रणनीतिक गलती साबित हो सकती है।
रिपोर्ट के निष्कर्ष में लिखा गया है –
“यदि समय रहते सक्रिय कदम नहीं उठाए गए, तो भारत की समुद्री बढ़त और रणनीतिक स्वायत्तता को अपूरणीय क्षति हो सकती है।”
अब सरकार पर यह जिम्मेदारी है कि वह इन चेतावनियों को गंभीरता से ले और हिंद महासागर में भारत की स्थिति को मजबूत करने के लिए ठोस और त्वरित कदम उठाए।
एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें
अमर उजाला प्रीमियम वीडियो सिर्फ सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध है
प्रीमियम वीडियो
सभी विशेष आलेख
फ्री इ-पेपर
सब्सक्राइब करें
Next Article
Disclaimer
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।