एशिया कप में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच के बहिष्कार की अपील करने को लेकर AIMIM के प्रवक्ता वारिस पठान भड़के थे। उनका विरोध भारत की जीत पर सीधे तौर पर नहीं था, बल्कि उनका गुस्सा पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच खेलने को लेकर था। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया जानती है कि पाकिस्तान लगातार आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा दे रहा है और भारत इसका शिकार रहा है, हाल ही में हुए पहलगाम आतंकी हमले का भी ज़िक्र किया।उन्होंने तर्क दिया था कि ऐसे देश के साथ क्रिकेट खेलना शहीदों और पीड़ितों का अपमान है, जिन्होंने अपने जवानों और नागरिकों का खून बहाया है।
उन्होंने कहा था कि जब भारत ने पाकिस्तान के साथ व्यापार, पानी की आपूर्ति और उनके कलाकारों पर प्रतिबंध लगा दिया है, तो फिर उनकी क्रिकेट टीम के साथ खेलना कैसे सही ठहराया जा सकता है।
उन्होंने मांग की थी कि भारत को यह मैच बॉयकॉट करना चाहिए और उन्होंने खुद भी मैच न देखने की बात कही थी।
भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने एशिया कप की अपनी पूरी मैच फीस पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों और भारतीय सशस्त्र बलों को दान करने पर कहा, "यह एक अद्भुत एहसास है। पूरा देश जश्न मना रहा है, यह अच्छा है। यह हमें और भी बेहतर करने के लिए प्रेरित करेगा। जब मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस में जा रहा था, तो मैंने सोचा, वहां इतने सारे भारतीय हैं, और हम कम से कम कुछ छोटी-मोटी मदद तो कर ही सकते हैं। अगर सभी थोड़ा-थोड़ा योगदान दें तो बहुत अच्छा होगा। मैं उस समय पूरी लाइन नहीं बोल पाया कि यह सशस्त्र बलों और पहलगाम के पीड़ितों के लिए है। लेकिन मैं जो भी कर सकता हूं, करूंगा।"
भारत द्वारा ACC चेयरमैन मोहसिन नकवी से एशिया कप 2025 की ट्रॉफी लेने से इनकार करने पर भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, "मैं इसे विवाद नहीं कहूंगा। अगर आपने देखा होगा, तो लोगों ने ट्रॉफी की तस्वीरें यहां-वहां पोस्ट की हैं। लेकिन असली ट्रॉफी तब होती है जब आप लोगों का दिल जीतते हैं, खिलाड़ी, सपोर्ट स्टाफ, उन्होंने जो भरोसा दिखाया है, जो लोग पर्दे के पीछे काम करते हैं, वही असली ट्रॉफी है। असली ट्रॉफी मैदान पर इतने सारे लोगों का काम और प्रयास है।"