पश्चिम बंगाल के साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज में एक छात्रा के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के बाद कॉलेज प्रशासन ने सभी कक्षाएं अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का निर्णय लिया है। यह फैसला कॉलेज की गवर्निंग बॉडी की तरफ से लिया गया है। कॉलेज प्रशासन ने 29 जून को एक नोटिस जारी करते हुए कहा, 'साउथ कलकत्ता लॉ कॉलेज की सभी बीए एलएलबी और एलएलएम (सामान्य और ऑनर्स) की कक्षाएं अगली सूचना तक बंद रहेंगी।
कॉलेज का परिसर छात्रों के लिए पूरी तरह से बंद रहेगा।' इस घटना की जांच कोलकाता पुलिस की एक विशेष जांच टीम कर रही है। जांच के दौरान पुलिस ने कॉलेज के कुछ हिस्सों को सील कर दिया है, जिसमें गार्ड रूम, यूनियन रूम, एक वॉशरूम और कॉलेज का एक गेट शामिल हैं। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इन्हीं जगहों पर तीनों आरोपियों ने छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया था, इसलिए हमने इन्हें सील किया है।'
पुलिस ने इस मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मुख्य आरोपी मोनोजीत मिश्रा जो पूर्व छात्र है। इसके साथ ही दो अन्य छात्र और एक सुरक्षा गार्ड शामिल है। इस वारदात के बाद से छात्रों और अभिभावकों में गहरा रोष है। कॉलेज के अस्थायी बंद होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है, लेकिन सुरक्षा और जांच को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है। कोलकाता के लॉ कालेज में छात्रा से सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच नौ सदस्यीय एसआईटी कर रही है।
एसआईटी को पता चला है कि तीन आरोपियों मनोजीत मिश्रा, प्रतिम मुखर्जी और जैब अहमद का कॉलेज की छात्राओं को परेशान करते रहते थे। वे कई दिनों से पीड़िता को निशाना बनाने की साजिश कर रहे थे। आपको बता दें कि इस घटना को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश बी.आर. गवई को पत्र के जरिए एक याचिका भेजी गई है, जिसमें आग्रह किया गया है कि वह कोलकाता के एक लॉ कॉलेज में हुए कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले का संज्ञान लें।